जिले में 12 हजार से अधिक जगहों पर होती है पूजा
पूजा की तैयारी में लगे छात्र-छात्राएं व समितियां
गोपालगंज : सरस्वती पूजा को लेकर गांव से शहर तक तैयारी शुरू कर दी गयी है. सरस्वती पूजन 13 फरवरी को होना है. इसके लिए छात्र-छात्राएं एवं विभिन्न पूजा समितियां पूजा को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुट गयी हैं. वहीं दूसरी ओर मूर्तिकार सरस्वती प्रतिमा को अंतिम रूप देने में लगे हैं. शहर से लेकर गांव एवं छोटे कस्बे तक प्रतिमा बनाने का काम जोरों पर है. मूर्तिकार इस बार विभिन्न आकर्षक डिजाइनों में सरस्वती की प्रतिमा तैयार करने में लगे हैं.
विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सरस्वती प्रतिमा की कीमत भी बढ़ी हुई है. मूर्तिकार सुबास पंडित ने बताया कि इस बार एक हजार से लेकर साढ़े तीन हजार तक की मूर्ति बनायी गयी है और अधिकतर मूर्ति बुक भी हो चुके हैं.
सरस्वती पूजा: प्रतिमा रखने के लिए लेना होगा लाइसेंस : सरस्वती पूजा को लेकर प्रशासन सख्त है तथा कई निर्देश जारी किया है. इस बार प्रशासन की नजर पूजा से लेकर मूर्ति विसर्जन तक रहेगी. जिला में पूजा करने वाले सभी लोगों को जो प्रतिमा रख रहे है. उन्हें लाइसेंस लेना होगा. अन्यथा उन पर कार्रवाई हो सकती है.
प्रशासन का यह फरमान सरकारी ,गैर सरकारी ,शैक्षणिक संस्थान, अन्य संस्थान निजी स्थान और समिति सभी पर लागू होता है. पहली बार शिक्षकों को भी विद्यालय में पूजा कराने के लिये लाइसेंस लेना होगा. प्रशासन का फरमान गांव से लेकर शहर तक होगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
शांति व्यवस्था कायम रखने एवं पूजा स्थलों तथा विसर्जन की सूची की जानकारी के लिये आवेदन देना आवश्यक है. आवेदन देने में किसी को परेशानी नहीं है. यह जनहित में है.
मृत्युंजय कुमार,एसडीओ,गोपालगंज
