गोपालगंज : नशा की लत ‘महामारी’ की शक्ल में फैलती जा रही है. इससे मुक्ति झोला छाप चिकित्सक दिला रहे हैं. जिले के किसी भी नशामुक्ति क्लिनिक या नशामुक्ति केंद्र का पंजीकरण स्वास्थ्य विभाग में नहीं है. विभाग के अफसरों ने सभी नशामुक्ति क्लिनिकों को फर्जी करार दिया है. शहर के गली-मुहल्ले में कई नशामुक्ति क्लिनिक फर्जी तरीके से खुले हैं. ऐसे में कई केंद्र हैं, जहां नशे की गिरफ्त में आये युवाओं को भरती करके उनका इलाज किया जा रहा है.
उन्हें दवा दी जा रही है. इसके एवज में अच्छी-खासी रकम वसूली जा रही है. शहर के सिनेमा रोड, जादोपुर रोड, घोष मोड़ और अस्पताल चौक पर ऐसे कई क्लिनिक हैं, जहां नशा से मुक्ति दिलाने का इलाज झोला छाप चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा. निजी तौर पर चल रहे नशामुक्ति क्लिनिक में चौकानेवाली बात है कि सभी फर्जी तरीके से चल रहे हैं, जबकि नियमानुसार नशामुक्ति क्लिनिक या नशामुक्ति केंद्र का भी स्वास्थ्य विभाग से पंजीकरण कराना है.
