मांझा (गोपालगंज) : बलुही उत्क्रमित मध्य विद्यालय में जांच करने पहुंचे निगरानी के फर्जी पांच लोगों की पिटाई के दौरान पहुंची पुलिस टीम पर हमला मामले में थानेदार रामसेवक राव ने शिक्षक समेत सौ अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है. प्राथमिकी में पुलिस ने कहा है कि फर्जी निगरानी के सदस्यों के पकड़े जाने की सूचना पर जब पुलिस पहुुंची, तो वहां दो लोगों को पकड़ कर पीटा जा रहा था. किसी तरह उन्हें छोड़ा कर इलाज के लिए भेजा जाने लगा,
जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया. ग्रामीण दोनों को पुलिस के कब्जे से छुड़ा कर पिटाई करने लगे. उधर, निगरानी तीन फर्जी सदस्य स्कूल के कमरे में छुपे हुए थे, जिन्हें भीड़ पीटने पर उतारू थी. पुलिस ने पांचों फर्जी निगरानी के सदस्यों को जेल भेज दिया है. ध्यान रहे कि गुरुवार को फर्जी निगरानी टीम द्वारा स्कूल जांच के बाद भवन निर्माण में धांधली बता कर 50 हजार रुपये की डिमांड करने पर हेडमास्टर को आशंका हुई. जब हेडमास्टर राकेश शुक्ला ने ग्रामीणों के साथ उनसे पूछताछ शुरू की,
तो सभी भागने लगे. ग्रामीणों ने दौड़ा कर सभी को पकड़ लिया. बाद में पुलिस ने रोहित कुमार चौबे, सीवान के दरौंदा थाना क्षेत्र के मदारी चौक के रहनेवाले अनिल कुमार यादव, अशोक यादव, एकमा थाना क्षेत्र के गंजपुर के रहनेवाले विश्वनाथ शर्मा एवं एकमा के जिप्सी चालक अनवर अंसारी को फर्जीवाड़ा मामले में जेल भेज दिया.
