बिजली बिल वसूलने के लिए विद्युत विभाग लगातार नये-नये फरमान जारी कर रहा है. 35 फीसदी बकाया अकेले सरकारी कार्यालयों पर है, जो विभाग के लिए वसूलना टेढ़ी खीर बन गया है. लेकिन, इस बार विद्युत विभाग की नजर सरकारी कार्यालयों पर है.
गोपालगंज : बिल वसूली कम हुई, तो विद्युत आपूर्ति जिले में कम होगी. आम उपभोक्ताओं से राजस्व वसूलने के लिए विभाग कई हथकंडे अपना रहा है. लेकिन, सवाल उठता है कि उन कार्यालयों या अधिकारियों पर कौन हथकंडा अपनाया जायेगा, जो विद्युत बिल के बकाये का 35 फीसदी कई वर्षों से पचाये बैठे हैं.
जी हां, बात कर रहे हैं हम जिले के सभी सरकारी कार्यालयों का. सभी कार्यालयों पर तीन करोड़ से अधिक का विद्युत बिल बकाया है. विद्युत विभाग के साथ राजस्व वसूली का फरमान जारी करनेवाले अधिकारी भी अपने ही विभाग का बकाया जमा करने के बारे में नही सोचे हैं. राजस्व वसूली का लक्ष्य पाने के लिए विद्युत विभाग न सिर्फ फरमान जारी किया है, बल्कि कार्रवाई करना भी शुरू कर दिया है. चार दिनों में 228 लोगों के कनेक्शन काटे गये हैं. विभाग इस माह में एक हजार कनेक्शन काटने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए अधिकारी लगातार दौड़ लगा रहे हैं.
सरकारी कार्यालयों के लिए फरमान जारी
सरकारी कार्यालयाें से बकाया वसूलने के लिए मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये फरमान जारी किया है. हर हाल में मार्च क्लोजिंग तक सरकारी कार्यालयों को भी बकाया बिजली बिल जमा करना होगा.
एक नजर में उपभोक्ता एवं बकाया बिल
– कुल उपभोक्ता – एक लाख 77 हजार
– प्रतिमाह बिजली की खपत – आठ करोड़
– प्रतिमाह वसूली – 5.5 करोड़ औसतन
– सरकारी कार्यालयों पर बकाया – तीन करोड़
– आम उपभोक्ता पर – 45 करोड़ से अधिक
क्या कहता है विद्युत विभाग
वसूली के लिए सरकारी व गैरसरकारी सभी के लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया है. मैं स्वयं निरीक्षण कर कनिय अभियंता को बिल वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया हूं. कुमार गौरव, कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग, गोपालगंज
