माले दलीय आधार पर पंचायत चुनाव के सवाल पर करेगा राज्यव्यापी आंदोलन

माले दलीय आधार पर पंचायत चुनाव के सवाल पर करेगा राज्यव्यापी आंदोलन 25 को पंचायतों में मशाल जुलूस, 29 को प्रखंड व 9 फरवरी को जिला मुख्यालय पर होगा धरनाभाजपा के नक्शेकदम पर चल रही है बिहार की महागठबंधन सरकारधान खरीद के मामले में 24 जनवरी को होगा चक्का जाम संवाददाता,पटनामाले पंचायत चुनाव को दलीय […]

माले दलीय आधार पर पंचायत चुनाव के सवाल पर करेगा राज्यव्यापी आंदोलन 25 को पंचायतों में मशाल जुलूस, 29 को प्रखंड व 9 फरवरी को जिला मुख्यालय पर होगा धरनाभाजपा के नक्शेकदम पर चल रही है बिहार की महागठबंधन सरकारधान खरीद के मामले में 24 जनवरी को होगा चक्का जाम संवाददाता,पटनामाले पंचायत चुनाव को दलीय आधार पर करवाने को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगा . इसके तहत गांव–पंचायत में 25 को मशाल जुलूस, 29 को प्रखंड मुख्यालय व 9 फरवरी को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन होगा. राज्यव्यापी आंदोलन के दौरान पंचायत चुनाव में खड़ा होनेवाले उम्मीदवार के लिए शौचालय की शर्त वापस लेने की मांग होगी. माले की दो दिवसीय राज्य स्थायी समिति की बैठक में निर्णय लिया गया. बैठक में बटाईदार, पट्टेदार को किसान का दर्जा देने, समय पर किसानों का धान खरीदने, 500 रु. प्रति क्विंटल बोनस देने आदि सवालों पर माले व अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर से राज्यव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया. इस दौरान 24 जनवरी को पूरे बिहार में चक्का जाम होगा. बैठक में माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि दलीय आधार पर चुनाव नहीं करवाने व शौचालय की शर्त लादकर पंचायत चुनाव में दलितों,गरीबों को बाहर करने की साजिश रची जा रही है. जबकि पंचायतों को और ज्यादा मजबूत व जवाबदेह बनाये जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बिहार की महागठबंधन की सरकार भाजपा सरकार के नक्शे कदम पर चल रही है. यह न केवल गरीबों से विश्वासघात कर रही है, बल्कि आम जनता पर महंगाई भी थोप रही है. केंद्र सरकार द्वारा गठित लागत मूल्य आयोग ने प्रति क्विंटल धान की पैदावार पर औसत लागत 1600 रुपये तय किया था, लेकिन लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य देने का वादा करने वाली केंद्र सरकार ने लागत मूल्य आयोग द्वारा निर्धारित लागत से भी कम 1410 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है. इससे कृषि संकट और ज्यादा गहरा होगा. बैठक में बिहार सरकार द्वारा धान खरीद मामले में नियम सख्त किये जाने का विरोध किया गया. जबकि धान खरीद के लिए नियम आसान करने की जरूरत थी. पार्टी इसका विरोध करती है.बैठक में माले राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य अमर, धाीरेन्द्र झा, केंद्रीय कमिटी सदस्य नंदकिशोर प्रसाद, रामजतन शर्मा, मीना तिवारी, राजाराम सिंह, रामेश्वर प्रसाद, केडी यादव, महबूब आलम, सरोज चौबे, शशि यादव, जवाहर लाल सिंह, इंद्रजीत चौरसिया, महानंद, संतोष सहर, अनवर हुसैन, मनोहर सहित कई जिला सचिव शामिल हुए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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