पीएचसी में संसाधनों के रहते नवजात होते हैं रेफर फोटो- 11संवाददाता, बैकुंठपुर पीएचसी में नवजात सुरक्षा को लेकर न्यू बाेर्न केयर सेंटर खोल कर पर्याप्त संसाधन स्वास्थ्य विभाग को दी गयी है. इसके बावजूद यहां नवजातों को बचा पाना मुश्किल माना जा रहा है. यहां बच्चों को जन्म लेते ही सदर अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है. आखिर न्यू बाेर्न केयर की कब जरूरत होगी. रेफर होते ही बच्चों पर खतरा बढ़ जाने की संभावना प्रबल हो जाती है. पिछले दिनों स्थानीय कई गांवों से आयी प्रसूति का नाम ससुराल के पते पर दर्ज कर नवजातों को गंभीर स्थिति बता कर रेफर कर दिया गया है, जिसमें पूर्वी चंपारण जिले के हुसैनी निवासी अर्जुन प्रसाद, सिधवलिया थाने के गोपालपुर गांव निवासी अरविंद महतो, मशरख थाने के टोटहा जगतपुर निवासी चंद्रदेव प्रसाद, इसी थाने के गम्हारी गांव निवासी विनोद राम के नवजातों को पीएचसी से रेफर कर दिया गया था. परिजनों की सुनें, तो बताते हैं कि न्यू बाेर्न केयर सेंटर का उपयोग नहीं हो पा रहा है. यह केवल कागज में सिमट कर रह गया है. बच्चों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है. जबकि, इस संबंध में पूछे जाने पर चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर संजय कुमार ने बताया उक्त नवजातों को गंभीरावस्था में रेफर किया गया है.
पीएचसी में संसाधनों के रहते नवजात होते हैं रेफर
पीएचसी में संसाधनों के रहते नवजात होते हैं रेफर फोटो- 11संवाददाता, बैकुंठपुर पीएचसी में नवजात सुरक्षा को लेकर न्यू बाेर्न केयर सेंटर खोल कर पर्याप्त संसाधन स्वास्थ्य विभाग को दी गयी है. इसके बावजूद यहां नवजातों को बचा पाना मुश्किल माना जा रहा है. यहां बच्चों को जन्म लेते ही सदर अस्पताल में रेफर कर […]
