रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा रहे चर्च

रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा रहे चर्चहैप्पी मैरी क्रिसमस के लिए सज-धज कर चर्च तैयार, की गयी प्रार्थना सभाफोटो न. 5फोटो न. 6संवाददाता, गोपालगंजशांति, सेवा व सौहार्द के संदेशवाहक प्रभु यीशु का सृष्टि अवतरण पर्व गुरुवार की मध्य रात नगर के सभी चर्चों में मनाया गया. रात 12 बजे के बाद शहर के तिरविरवां समेत सभी […]

रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा रहे चर्चहैप्पी मैरी क्रिसमस के लिए सज-धज कर चर्च तैयार, की गयी प्रार्थना सभाफोटो न. 5फोटो न. 6संवाददाता, गोपालगंजशांति, सेवा व सौहार्द के संदेशवाहक प्रभु यीशु का सृष्टि अवतरण पर्व गुरुवार की मध्य रात नगर के सभी चर्चों में मनाया गया. रात 12 बजे के बाद शहर के तिरविरवां समेत सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभा की गयी, जिसमें जीसस के आगमन का संदेश प्रवाहित हुआ. इसी के साथ शुरू हो जायेगा क्रिसमस की उल्लास, जिसकी खुशियां नववर्ष तक छायी रहेगी. 25 दिसंबर को क्रिसमस- डे है. इसको लेकर ईसाई समुदाय में उल्लास है. पिछले दो सप्ताह से ईसाई समुदाय के लाग प्रतिदिन शाम को कैरल सिंगिंग का कार्यक्रम आयोजित कर क्रिसमस की तैयारियों में जुटे हैं. दीपावली की तरह लोग अपने घरों की रंगाई-पुताई करा कर सजाया-संवारा है. घरों पर सजी रंग-बिरंगी लाइटें क्रिसमस का संदेश दे रही है. मसीही समुदाय की महिलाएं क्रिसमस पर परंपरागत केक से लेकर स्वादिष्ट पकवान आगंतुकों की मेजबानी के लिए तैयार कर चुकी हैं. बच्चों को इंतजार है बस सभी को हैप्पी क्रिसमस बोल कर मजा करने का. उधर, तिरविरवां के कैथोलिक, मसिही, सबेया स्थित गिरजाघरों की रौनक बढ़ गयी है. पूरा परिसर खूबसूरत लाटों से जगमगा रहा है. मनोहारी झांकियां सजी हुई है, जिसका क्रिसमस पर सभी दीदार करेंगे. पिछले कई दिनों से शहर के सभी ईसाई विद्यालय क्रिसमस कार्यक्रम में डूबे रहे. अब वह घड़ी आ गयी, जब प्रभु यीशु के आगमन की विशेष प्रार्थना होगी और प्रसाद वितरण के बाद 25 दिसंबर की सुबह क्रिसमस की उमंग शहर में देखने को मिलेगी. क्रिसमस मनाने का तरीका25 दिसंबर को सुबह दस बजे चर्च में सामूहिक प्रार्थना की जाती है. सभी लोग सुबह आकर यीशु के आगे कैंडल जलाते हैं. चर्च के पादरी गानों के द्वारा प्रभु का संदेश लोगों को देते हैं. इसके बाद चर्च में केक काट कर सभी को बांटा जाता है. इनका कुछ खास महत्वक्रिसमस डे पर कैंडल, स्टार और क्रिसमस बेल बाजार में खूब बिकती है. क्योंकि, इनका ईसाई धर्म में विशेष महत्व है. कैंडल – ईसाई लोग कैंडल जला कर प्रभु यीशु की आराधना करते हैं. इससे समाज में खुशियां व ज्ञान का प्रकाश फैलता है. क्रिसमस बेलबेल का प्रयोग के पीछे मुख्य वजह इसको बजा बजा कर लोगों को जगाया जाना और यह कहना है कि यीशु आनेवाले हैं. उठो और खुशियां मनाओ.स्टारईसाई धर्मावलंबी में स्टार की प्रमुख महत्ता है. स्टार को यीशु के जन्म का प्रतीक माना गया है. तारे को देखते हुए ही लोग उनके जन्म स्थान पर पहुंचे थे. यही वजह है कि सभी ईसाई धर्मावलंबी अपने घरों में स्टार लगाते हैं.

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