400 रन बना लारा का रिकॉर्ड तोड़ सकता था : सेहवागएजेंसियां, नयी दिल्लीहाल ही में क्रिकेट को अलविदा कहनेवाले वीरेंद्र सेहवाग ने अपने पहले टेस्ट शतक को सबसे यादगार पल बताया, लेकिन कहा कि अपने शानदार कैरियर में दो बार तिहरा शतक जड़ने के बावजूद 400 रन तक नहीं पहुंच पाने का उन्हें मलाल है. सेहवाग ने कहा, ‘मेरा सबसे यादगार पल मेरा पहला टेस्ट शतक है क्योंकि जब मैंने खेलना शुरू किया, तब सभी कहते थे कि सेहवाग वनडे क्रिकेट का बल्लेबाज है, लेकिन मैंने सोचा कि यदि मैंने चार दिन के रणजी मैचों में इतने रन बनाये हैं, तो मुझे टेस्ट खेलने का मौका भी मिलना चाहिए.’ उन्होंने यहां बीसीसीआइ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कहा, ‘जब मुझे मौका मिला, तो मैं काफी रोमांचित था. यही वजह है कि मैंने जब टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक जमाया, तो वह मेरे लिए सबसे यादगार पल बन गया.’ यह पूछने पर कि वह कैरियर में और क्या हासिल कर सकते थे, सेहवाग ने कहा, ‘शायद मैं 400 रन बनाकर ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ सकता था.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैं 400 रन बना सकता था, लेकिन मैं 319 रन बनाकर आउट हो गया.’ सेहवाग ने कहा कि उन्होंने अपनी शैली कभी नहीं बदली, टेस्ट क्रिकेट में भी नहीं. उन्होंने कहा, ‘मैं मैच से पहले काफी तैयारी करता था. मैं गेंदबाजों को पढ़ने की कोशिश करता. उनकी इनस्विंगर और आउटस्विंगर देख कर तैयारी करता. इसके बाद मैदान पर आता, तो सीधे उनकी गेंदों की पिटाई शुरू कर देता. मैंने अपनी शैली कभी नहीं बदली और पूरे कैरियर में ऐसा ही खेलता रहा.’ सेहवाग ने बताया कि यदि उनके बेटों में से कोई किसी भी स्तर पर उनका 319 रनों का रिकॉर्ड तोड़ता है, तो वह उसे पुरानी फेरारी तोहफे में देंगे. उन्होंने कहा, ‘यदि मेरे बेटों में से कोई मेरा रिकॉर्ड तोड़ता है, तो उसे पुरानी फेरारी दूंगा. किसी भी स्तर पर दोनों में से कोई भी तोड़ेगा तो उसे यह तोहफा मिलेगा.’
400 रन बना लारा का रिकॉर्ड तोड़ सकता था : सेहवाग
400 रन बना लारा का रिकॉर्ड तोड़ सकता था : सेहवागएजेंसियां, नयी दिल्लीहाल ही में क्रिकेट को अलविदा कहनेवाले वीरेंद्र सेहवाग ने अपने पहले टेस्ट शतक को सबसे यादगार पल बताया, लेकिन कहा कि अपने शानदार कैरियर में दो बार तिहरा शतक जड़ने के बावजूद 400 रन तक नहीं पहुंच पाने का उन्हें मलाल है. […]
