180 दिनों का मातृत्व और 15 दिनों का पितृत्व अवकाश, तीसरी संतान पर यह सुविधा नहीं- दो संतान तक ही राज्य सरकार के कर्मचारियों को मिलेगी यह सुविधा- तीसरी या इससे ज्यादा संतानों की स्थिति पर नहीं मिलेगी इस तरह की सुविधा- वित्त विभाग ने इस संबंध में नियमावली तैयार कर सभी विभागों को लिखा पत्र- पितृत्व अवकाश का लाभ किसी पुरुषकर्मी को दो संतानों तक ही मिलेगासंवाददाता, पटनाराज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को अपने बच्चों की देखभाल और लालन-पालन के लिए कई सुविधाएं प्रदान की हैं. इसके तहत महिला कर्मचारियों को मातृत्व और पुरुष कर्मियों को पितृत्व अवकाश दिया जायेगा. महिलाओं को 180 दिन और पुरुषों को 15 दिनों की छुट्टी शिशु की देखभाल करने के लिए दी जायेगी. इसके अलावा संतान की परीक्षा, बीमारी या पालन-पोषण के लिए 730 दिन या दो वर्ष के लिए देखभाल अवकाश स्वीकृत किया गया है. ये तमाम सुविधाएं कर्मचारियों को दो संतानों तक ही दी जाती हैं. तीन या इससे ज्यादा संतानों की स्थिति में ये सुविधाएं नहीं मिलती हैं. हालांकि राज्य सरकार इन तमाम अवकाशों की घोषणा पहले ही कर चुकी है. वित्त विभाग ने इन तमाम सुविधाओं को लेने से संबंधित सभी प्रावधानों को एक स्थान पर समाहित किया है. साथ ही इससे संबंधित नियमावली तैयार करके इससे संबंधित पत्र सभी विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, आयुक्त, डीएम समेत तमाम अधिकारियों को बुधवार को लिखा है. ताकि किसी विभाग को अपने कर्मचारियों को छुट्टी स्वीकृत करने में इन तमाम दिशा-निर्देशों का पालन किया जाये.इस स्थिति में ले सकते अवकाश- मातृत्व अवकाश साढ़े चार महीने तक या प्रसव तिथि के छह सप्ताह तक मिलेगी, जो भी पहले हो.- तीसरी संतान के मामले में सरकारी सेवक को अर्जित अवकाश लेना होगा.- पितृत्व अवकाश पुरुषकर्मी पत्नी के प्रसव की तिथि से 15 दिन पहले तक या छह महीने बाद तक ले सकते हैं.अवकाश से जुड़ी अन्य बातें- शिशु देखभाल छुट्टी स्वीकृत होने की स्थिति में प्रत्येक महीने के अंत में छुट्टी वेतन मिलेगा. इसके अंतर्गत मूल वेतन, ग्रेड पे, महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता का ही भुगतान किया जायेगा. परिवहन भत्ता या यात्रा भत्ता का भुगतान नहीं होगा. – राशि की निकासी उसी स्थान से होगी, जहां से वे छुट्टी पर गये हैं- छुट्टी के दौरान ट्रांसफर होने की स्थिति में सरकारी सेवक को नये स्थान पर योगदान के पहले तक या छुट्टी के दौरान पूर्व के स्थान से ही भुगतान किया जायेगा.- राज्य सरकार के कर्मियों को जब भी कोई छुट्टी स्वीकृत की जायेगी, उनके बाकी छुट्टी का उल्लेख भी अवश्य रूप से किया जायेगा.
180 दिनों का मातृत्व और 15 दिनों का पितृत्व अवकाश, तीसरी संतान पर यह सुविधा नहीं
180 दिनों का मातृत्व और 15 दिनों का पितृत्व अवकाश, तीसरी संतान पर यह सुविधा नहीं- दो संतान तक ही राज्य सरकार के कर्मचारियों को मिलेगी यह सुविधा- तीसरी या इससे ज्यादा संतानों की स्थिति पर नहीं मिलेगी इस तरह की सुविधा- वित्त विभाग ने इस संबंध में नियमावली तैयार कर सभी विभागों को लिखा […]
