महम्मदपुर में सिधवलिया प्रखंड कार्यालय का उद्घाटन करने सीएम नीतीश कुमार के आने से पहले ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा था. ग्रामीणों ने रविवार की सुबह 7 बजे सिधवलिया प्रखंड कार्यालय पर पहुंच कर बीडीओ और सीओ को उनके आवास में ही बंधक बना लिया.
उग्र ग्रामीण सिधवलिया प्रखंड कार्यालय के स्थानांतरण के खिलाफ पिछले दो सप्ताह से चरणबद्ध आंदोलन चला रखे थे. रविवार को दिन के दो बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों महम्मदपुर में बनाये गये प्रखंड कार्यालय का उद्घाटन होना था.
प्रखंड कार्यालय का स्थानांतरण करने के विरोध में सिधवलिया के ग्रामीण आत्मदाह करने की तैयारी में थे. आत्मदाह का स्थल सिधवलिया प्रखंड कार्यालय को बनाया गया था. यहां सैकड़ों ग्रामीण लकड़ी और आत्मदाह की सामग्री लेकर सुबह से ही एकत्रित थे. उधर, ग्रामीणों ने बीडीओ दिनेश कुमार सिंह और सीओ अरविंद प्रताप शाही को बंधक पुराने प्रखंड कार्यालय परिसर में बना कर लिया था. सूचना पर पहुंची पुलिस से नोक -झोंक हुई. सदर एसडीएम रेयाज अहमद खां, एएसपी अनिल कुमार समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे.
सीएम के आने से पहले आत्मदाह रोकने के लिए इन अधिकारियों के पसीने भी छूटने लगे. इसके पहले ग्रामीणों ने सुबह बाजार को बंद करा दिया था. महम्मदपुर- सिधवलिया मुख्य पथ को जाम कर प्रखंड कार्यालय में तालाबंदी कर धरने पर बैठ गये. स्थिति विस्फोटक होने लगी. बाद में घटनास्थल पर जिलाधिकारी राहुल कुमार और एसपी निताशा गुरिया पहुंचे. डीएम तथा एसपी ने घंटों आंदोलनकारियों से बंद कमरे में बात की. आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया गया कि सात पंचायतों का काम पुराने प्रखंड कार्यालय तथा छह पंचायतों का काम नये प्रखंड कार्यालय में निबटाया जायेगा. इस पर ग्रामीण मान गये. तब बीडीओ और सीओ को मुक्त करा कर सभा स्थल पर अधिकारी लेकर गये.
