मैट्रिक परीक्षा : 178 परीक्षार्थी निष्कासित, 87 अभिभावक पकड़े गये थे
गोपालगंज : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा वर्ष, 2015 की मैट्रिक परीक्षा के सात दिनों की अवधि में अभिभावकों द्वारा नकल कराने व प्रशासन की ओर से नकलचियों पर नकेल कसने की कवायद जारी रही. परीक्षा अवधि में जहां 87 अभिभावकों को नकल कराने के आरोप में पकड़ा गया, वहीं 178 परीक्षार्थियों को भी कदाचार के आरोप में परीक्षा से निष्कासित किया गया.
इन पकड़े गये अभिभावकों एवं निष्कासित परीक्षार्थियों से बतौर जुर्माना 5.30 लाख रुपये वसूले गये हैं. वसूले गयी राशि से सरकार के राजस्व में वृद्धि तो हुई है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या इस कार्रवाई से नकल को पूरी तरह से रोक दिया जायेगा. अब तक जो नतीजे परीक्षा अवधि में रहे उसमें निष्कासन और जुर्माना के एक ही पैटर्न रहे, जबकि एक दिन, एक वर्ष और दो वर्ष के लिए भी निष्कासन का प्रावधान है. अभी भी एक दिन की परीक्षा उन परीक्षार्थियों की बाकी है, जो अहिंदी भाषी हैं. उन्हें हिंदी की परीक्षा देनी है.
इस संबंध में एसडीओ रेयाज अहमद ने कहा कि मैट्रिक परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाने के लिए प्रारंभिक स्तर पर प्रयास किया गया और नकल पर काबू पाया गया. जो भी नकल का प्रयास किया, वह पकड़ा गया. 5.30 लाख की वसूली सख्ती का ही परिणाम है.
