गोपालगंज. चीजें आम दिनों में खान-पान की हो या व्रत के दौरान खाने की, मिलावटखोर कहीं भी मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे हैं. चैत्र नवरात्र के पर्व पर मिलावटखोरों ने भी कमर कस ली है. व्रत के दौरान अपना धंधा तेज करने के लिए मिलावटखोर सक्रि य हो गये हैं. व्रत के दौरान सबसे ज्यादा डिमांड फलों की रहती है. हालांकि फलों में मिलावट का सवाल नहीं उठता है. लेकिन, चालबाज इसमें भी जहर के रस में पका देते हैं. बाजार में इन दिनों केला खूब बिक रहा है. अन्य फलों के मुकाबले सस्ता होने के चलते व्रती की यह पहली पसंद है. केले को पकाने के लिए ज्यादातर केमिकल का उपयोग किया जा रहा है. केमिकल की पहचान के लिए ग्राहकों को केले के रंग पर ध्यान देना होगा. ज्यादा पीले रंग का केला निश्चित रूप से कारबाइड डाल कर पकाया गया है. इसके अलावा अगर बात करें, तो पूजा में इस्तेमाल होनेवाला देसी घी भी मिलावट का शिकार है. थैली के पिछले हिस्से को निचोड़ कर इसका परीक्षण किया जा सकता है. अगर इसमें मिलावट होगी, तो दाने निकल आयेंगे. कुट्टू के आटे की बिक्र ी आम तौर पर जिले में होती ही नहीं. अगर हो भी रही है, तो इसकी खरीदारी में सावधानी बरतें.
व्रत के दौरान खाने में सावधान
गोपालगंज. चीजें आम दिनों में खान-पान की हो या व्रत के दौरान खाने की, मिलावटखोर कहीं भी मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे हैं. चैत्र नवरात्र के पर्व पर मिलावटखोरों ने भी कमर कस ली है. व्रत के दौरान अपना धंधा तेज करने के लिए मिलावटखोर सक्रि य हो गये हैं. व्रत के दौरान […]
