बरौली : 14 नवंबर को थाना क्षेत्र के पचरूखिया में एक धूर जमीन और खूंटा गाड़ने के विवाद में हुई तलवारबाजी में घायल एक और व्यक्ति की मौत सोमवार को हो गयी. मृतक छोटेलाल महतो बताया जाता है. उसका शव जैसे ही लाया गया, परिजनों में चीत्कार मच गया. इधर, मौत पर ग्रामीण आक्रोशित हो गये.
आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को थाना चौक पर ले गये और थाना गेट के सामने शव लदे वाहन को लगाकर सड़क जाम कर दिया. परिजन मारपीट की घटना को धारा 302 में बदलने की मांग कर रहे थे तथा सभी आरोपितों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. सुबह का समय होने के कारण सड़क जाम होने से लोगों को काफी परेशानी हुई.
कई स्कूल की गाड़ियां जाम में फंसी रहीं, तो मरीज को लेकर जा रहा एंबुलेंस भी जाम में फंस गया. पुलिस जाम हटा लेने का आग्रह करती रही. करीब आधा घंटा बाद पुलिस और बुद्धिजीवियों के समझाने पर जाम हटा और आवागमन शुरू हुआ. इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गये.
इस संबंध में थानाध्यक्ष रितेश मिश्रा ने बताया िक ग्रामीणों को समझा दिया गया. इस मामले में दफा
302 लगा दिया गया है. बाकी बचे आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए धर-पकड़ जारी है.
क्या है पूरा मामला
बीते 14 नवंबर की शाम पचरूखिया गांव में एक धूर जमीन और खूंटा गाड़ने के विवाद में छोटेलाल महतो और अनवत महतो के परिवार के बीच हुए खूनी संघर्ष में जमकर तलवारबाजी हुई, जिसमें एक ही परिवार के छोटेलाल महतो, शशिकांत महतो, अनिता देवी, आशुतोष महतो और महामाया महतो गंभीर रूप से घायल हो गये.
घटना के एक दिन बाद लखनऊ में इलाज के दौरान छोटेलाल महतो के बेटे शशिकांत की मौत हो गयी, तो नौ दिसंबर को छोटेलाल ने भी दम तोड़ दिया. अन्य तीन घायलों का इलाज लखनऊ में हो रहा है, जहां उनकी स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. घटना में पुलिस ने मारपीट का केस दर्ज किया था और चार लोगों को पकड़कर जेल भेज दिया. ग्रामीण घटना के मुख्य आरोपित लालू महतो और लक्ष्मण महतो को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे.
