बरौली : थावे-छपरा रेलखंड पर बघेजी गांव के सामने ढाला नंबर 41 को रेलवे द्वारा बंद किये जाने की सूचना पर सोमवार को ग्रामीण उग्र हो गये और रेलवे ढाले पर पहुंच प्रदर्शन करने लगे. इसी बीच सुरक्षा कारणों से पटरी का मुआयना कर रहे सिधवलिया के जूनियर रेलवे इंजीनियर प्रमोद कुमार भास्कर और उनकी टीम पहुंची, जिन्हें ग्रामीणों ने बंधक बना लिया और उग्र प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे.
चार घंटे तक अधिकारियों को बंधक बनाकर किया प्रदर्शन, की नारेबाजी
बरौली : थावे-छपरा रेलखंड पर बघेजी गांव के सामने ढाला नंबर 41 को रेलवे द्वारा बंद किये जाने की सूचना पर सोमवार को ग्रामीण उग्र हो गये और रेलवे ढाले पर पहुंच प्रदर्शन करने लगे. इसी बीच सुरक्षा कारणों से पटरी का मुआयना कर रहे सिधवलिया के जूनियर रेलवे इंजीनियर प्रमोद कुमार भास्कर और उनकी […]

ग्रामीणों का कहना था बघेजी गांव की 90 फीसदी खेती रेलवे लाइन के उस पार है, छठ घाट उसी पार है, जहां पूरे गांव के छठव्रती छठ करने जाते हैं. इसके साथ ही कई गांवों की आस्था भी ऐतिहासिक दहारी दास के मठिया से जुड़ी है.
यहां प्रतिवर्ष मेला लगता है और हजारों की भीड़ इकट्ठा होती है. इतना ही नहीं, पूरे गांव की 15 फीसदी आबादी भी रेलवे ढाले के दूसरी ओर निवास करती है और प्रतिदिन इस ढाले से होकर खेती तथा शादी-विवाह से संबंधित गाड़ियां गुजरती हैं.
ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया कि 10 जुलाई को अगर ढाला बंद करने के लिए विभागीय लोग आयेंगे तो करो या मरो की स्थिति होगी. प्रदर्शन करने वालों में पिंटू कुमार सोनी, भैरवी सिंह, जनार्दन सिंह, महंत सिंह, मनमन कुमार, मनु कुमार, दीपक, दीपू, हजारी साह, हरेंद्र साह, हसीब मियां आदि मौजूद थे.
आस्था पर पहुंचेगी चोट
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि ढाले के बंद हो जाने से न केवल खेती-बारी चौपट हो जायेगी, बल्कि पूजा-पाठ और आस्था पर भी चोट पहुंचेगी. हम किसी भी हाल में ढाला बंद नहीं होने देंगे. चाहे इसके लिए आमरण अनशन करते हुए मरना भी पड़े तो हम तैयार हैं.
मौके पर अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण समझने को तैयार नहीं थे. बाद में मौके पर पहुंचे जदयू के जिला प्रवक्ता फैज अहमद ने ग्रामीणों को समझाया और जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराने की बात कही तब वे शांत हुए और अधिकारियों को छोड़ा.