भोरे : कारोबारी रामाश्रय सिंह हत्याकांड में अब भोरे पुलिस पर भी गाज गिरनी शुरू हो गयी है. मंगलवार को भोरे पहुंचे डीआइजी विजय कुमार वर्मा के जांच कर लौटने के बाद प्रभारी एसपी विनय तिवारी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भोरे के थानेदार कृष्ण कुमार और तीन एएसआइ संजय सिंह वन, संजय कुमार सिंह व धनंजय सिंह को लाइन हाजिर कर दिया. हटाये गये पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि ये पुलिस की सूचनाएं लीक कर रहे थे. इस कार्रवाई से भोरे थाना में पदस्थापित पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया है. बता दें कि 13 जून को रामाश्रय सिंह की हत्या गोली मारकर की गयी थी.
भोरे के थानेदार व तीन एएसआइ लाइन हाजिर
भोरे : कारोबारी रामाश्रय सिंह हत्याकांड में अब भोरे पुलिस पर भी गाज गिरनी शुरू हो गयी है. मंगलवार को भोरे पहुंचे डीआइजी विजय कुमार वर्मा के जांच कर लौटने के बाद प्रभारी एसपी विनय तिवारी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भोरे के थानेदार कृष्ण कुमार और तीन एएसआइ संजय सिंह वन, […]

विवाद के कारण उपेंद्र यादव को मारी गयी थी गोली : सोमवार की देर रात मुडाडीह गांव में उपेंद्र यादव को गोली मारने के पीछे का मोटिव सामने आ गया है. कोल्ड स्टोरेज के मालिक रामाश्रय सिंह के करीबी दीना यादव के भतीजे उपेंद्र यादव को गोली हथेली पर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
उसे इलाज के लिए गोरखपुर भेज दिया गया. पुलिस को दिये बयान में उपेंद्र यादव ने कहा है कि मुडाडीह गांव के पास अपनी वेल्डिंग की दुकान के बाहर वह खाट बिछा कर खाना खा रहा था, इसी दौरान सीबीजेड बाइक पर सवार हो कर विनय मिश्र और विवेक सिंह आये एवं गोली मार दी. घटना का कारण राजू सिंह और विनय मिश्र से हुए पूर्व का विवाद है. उपेंद्र यादव ने ये भी कहा कि पूर्व के विवाद में दोनों पक्षों ने सुलहनामा भी कर लिया था.
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इतनी व्यवस्था के बाद भी फरार विनय मिश्र और विवेक सिंह ने भोरे पहुंच कर उपेंद्र यादव को गोली कैसे मार दी. इस मामले के खुलासे को लेकर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.