गोपालगंज : जीएसटी व इनकम टैक्स भुगतान करने के दायित्व के साथ-साथ अब जिले के सभी जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापारियों को पेशा कर का भी अलग से भुगतान करना होगा. भले उनकी आय कुछ भी हो, तब भी उनके द्वारा पेशाकर के भुगतान को अनिवार्य कर दिया गया है. मार्च माह के अंत तक हर हाल में जीएसटी धारक अथवा पुराने वैट धारक को पेशा कर का भुगतान कर देना है.
सर्विस टैक्स नहीं देने वाले की विभाग तैयार कर रहा कुंडली
गोपालगंज : जीएसटी व इनकम टैक्स भुगतान करने के दायित्व के साथ-साथ अब जिले के सभी जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापारियों को पेशा कर का भी अलग से भुगतान करना होगा. भले उनकी आय कुछ भी हो, तब भी उनके द्वारा पेशाकर के भुगतान को अनिवार्य कर दिया गया है. मार्च माह के अंत तक हर हाल […]

पेशा कर भुगतान नहीं करने वाले का विभाग कुंडली बनाकर कार्रवाई करने की तैयारी में लग गया है. पेशा कर जमा नहीं करने वाले की सूची तैयार कर उन पर जुर्माना आदि की कार्रवाई की जायेगी.
इसके लिए विभाग द्वारा संबंधित सभी विभागों व फॉर्म को पत्र जारी कर सूचित किया गया है. केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम 1956 के अधीन निबंधित व्यवसायी या बिहार माल और पेशा कर अधिनियम 2017 के अधीन निबंधित व्यवसायी के लिए 2500 रुपये प्रति वर्ष की दर से पेशा कर भुगतान करना है. यह कर सभी छोटे-बड़े व्यवसायियों पर लागू है.
जिले में नौ हजार हैं जीएसटी धारक : वाणिज्य कर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में लगभग नौ हजार जीएसटी धारक हैं. जीएसटी रिटर्न के साथ-साथ पेशा कर भी इन्हें देना अनिवार्य है.
पेशा कर का भुगतान करने के लिए इसके अंतर्गत आने वाले सभी को वाणिज्य कर विभाग जहां नोटिस जारी कर निर्धारित समय पर कर भुगतान नहीं करने पर विभागीय नियमानुसार जुर्माना लगाने की बात कही है.
जिन लोगों ने पेशा कर के लिए अपने व्यवसाय का पंजीयन नहीं कराया है, वे परिचय पत्र तथा पैन नंबर के साथ कार्यालय में आकर अपना निबंधन करा सकते हैं. पेशा कर का भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है.
ये आते हैं पेशा कर के अंतर्गत : केबल ऑपरेटर, फिल्म वितरक, सिनेमा हॉल, थियेटर के संचालक, उत्सव हॉल, सभा कक्ष, वाणिज्यिक हॉल एवं आवासीय होटल के संचालक एवं मालिक, मॉल, हेल्थ सेंटर, कोचिंग, पेट्रोल पंप, ईंट भट्ठा के संचालक तथा बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के अधीन बैंकिंग कंपनियां व कंपनी एक्ट के तहत निबंधित कंपनियों तथा व्यावसायिक वाहन संचालकों, कॉन्ट्रैक्टर, बिल्डर सहित वे सभी जो जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड हैं, पेशा कर देना है.