गोपालगंज : कटेया के थानेदार पर कोर्ट का शिकंजा कसता जा रहा है. कोर्ट में उपस्थित होकर पुलिस का पक्ष नहीं रखने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रतीक आनंद के कोर्ट ने मंगलवार को तीसरा नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के अंदर सदेह उपस्थित होकर पक्ष रखने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि 15 मई, 2017 तथा 18 जून, 2017 में कारण पूछा गया था, लेकिन पुलिस के द्वारा 11 जुलाई को दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं है. कोर्ट ने कहा है कि जान-बूझ कर न्यायालय के आदेश की अवहेलना की जा रही है, जिससे ट्रायल में अनावश्यक रूप से बाधित हो रहा है.
कटेया के थानेदार पर कोर्ट ने कसा शिकंजा
गोपालगंज : कटेया के थानेदार पर कोर्ट का शिकंजा कसता जा रहा है. कोर्ट में उपस्थित होकर पुलिस का पक्ष नहीं रखने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रतीक आनंद के कोर्ट ने मंगलवार को तीसरा नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के अंदर सदेह उपस्थित होकर पक्ष रखने का […]

अगर निर्धारित अवधि के अंदर कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखा गया, तो लापरवाही एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता में कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को कोर्ट लिखेगा एवं न्यायालय में बाधित होनेवाली क्षति का भुगतान आपके वेतन कटौती से क्षतिपूर्ति की जायेगी.
जानकार सूत्रों ने बताया कि कोर्ट में सरकार बनाम धनंजय तिवारी कटेया थाना कांड संख्या 246/16 में सुनवाई चल रही है जिसमें पुलिस के द्वारा उपलब्ध कराये गये किसी भी साक्षी द्वारा भादवि की धारा 354 के द्वारा अपराध का समर्थन नहीं किया गया है एवं आरोप पत्र में साक्षियों के कॉलम में अभियुक्तों का नाम अंकित किया गया है जो पूर्ण रूप से भ्रामक है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने पुलिस का पक्ष जानने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया है.
कोर्ट ने कहा, किस परिस्थिति में आदेश की हो रही
अवहेलना
जान-बूझ कर कटेया पुलिस ट्रायल को कर रही बाधित