वित्त विभाग के निर्देश पर डीएम ने गठित की थी तीन सदस्यीय जांच टीम
गोपालगंज : भागलपुर सृजन घोटाले के बाद बिहार वित्त विभाग से मिले निर्देश के आलोक में जिले में भी सरकारी बैंक खातों की जांच शुरू कर दी गयी है. वित्त विभाग के निर्देश पर डीएम राहुल कुमार द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम बैंक खातों की जांच कर रही है. जांच टीम में एडीएम सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शिवनारायण सिंह, जिला कोषागार पदाधिकारी मनीषकांत झा व लिपिक विनोद कुमार शामिल हैं. जांच टीम कलेक्ट्रेट स्थित सभी विभागों के बैंक स्टेटमेंट का मिलान रोकड़ पंजी करेगी.
इसको लेकर जांच टीम ने सभी शाखाओं के निकासी व व्ययन पदाधिकारी को रोकड़ पंजी अद्यतन किये जाने और बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इतना ही नहीं शाखावार जांच की तिथि भी निर्धारित की गयी है. निर्धारित तिथि को संबंधित शाखाओं के पदाधिकारी व रोकड़पाल सभी रोकड़ पंजी व बैंक स्टेटमेंट के साथ जांच के दौरान मौजूद रहेंगे, जिससे कि जांच सही ढंग से हो सके. निर्धारित समयसीमा व गहनता से रोकड़ पंजी व बैंक स्टेटमेंट की जांच शुरू कर दी गयी है.
विभागों में मची हलचल : सरकारी बैंक खातों की जांच शुरू होते ही कलेक्ट्रेट स्थित सभी विभागों में खलबली मच गयी है. रोकड़पाल अपनी-अपनी कैश बुक अद्यतन करने में लगे हुए हैं. वहीं, बैंकों से आय-व्यय का अद्यतन स्टेटमेंट भी लिया जा रहा है. सरकारी खातों की जांच ने न सिर्फ विभाग के रोकड़पाल और पदाधिकारी की परेशानी बढ़ा दी है, बल्कि बैंक के कर्मी भी सरकारी खातों के स्टेटमेंट निकालने को लेकर काफी परेशान हैं. कई ऐसे भी विभाग हैं, जिनका विगत दस वर्षों से स्टेटमेंट प्राप्त नहीं हुआ है.
इन विभागों की हो रही जांच : भू-अर्जन, निर्वाचन, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, समाज कल्याण विभाग, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जिला आपूर्ति विभाग, विकास विभाग, योजना विभाग, राजस्व विभाग, आपदा विभाग, जिला बीस सूत्री, ग्रामीण विकास विभाग, शहरी विकास विभाग, सांख्यिकी विभाग, परिवहन विभाग, सामान्य शाखा विभाग, उत्पाद विभाग व जिला नीलाम पत्र विभाग.
डीएम को दी जायेगी रिपोर्ट
डीएम के निर्देश पर कलेक्ट्रेट के सभी विभागों के सरकारी बैंक खातों की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के साथ ही रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध करायी जायेगी. वहीं गड़बड़ी करनेवाले लोगों को चिह्नित करते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जायेगी.
शिवनारायण सिंह, एडीएम सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी
