Gaya News: गया में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्टेशन, DRM ने दिया निर्देश- समय पर पूरा हो काम

Gaya News: निरीक्षण के बाद रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को डीआरएम ने निर्देश दिया है कि वर्ल्ड क्लास स्टेशन का कामकाज समय सीमा के अंदर पूरा करें. उन्होंने एक-एक योजना की समीक्षा की. समीक्षा करने के बाद एक रिपोर्ट भी तैयार की गयी है. इसके बाद डेल्हा साइड हो रही तैयारियों का निरीक्षण किया गया.

Gaya News: डीडीयू मंडल के पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार डीआरएम उदय सिंह मीना ने गया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया. उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ-साथ कर्मियों को मेहनत और निष्ठा से काम करने को कहा. डीआरएम ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया. इस दौरान सभी प्लेटफॉर्म का निरीक्षण किया. जहां-तहां कमी पायी, उसे दूर करने का निर्देश भी दिया. डीआरएम ने कहा कि हर प्लेटफॉर्म पर शुद्ध पेयजल की सुविधा दी जाये.

यात्रियों की समस्याएं सुनी

डीआरएम उदय सिंह मीना ने यात्रियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना. डीआरएम ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम कर रहा है. निरीक्षण के बाद डीआरएम ने कर्मियों के साथ बैठक की और उन्हें आवश्यक निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता में सुधार करना आवश्यक है और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

हर दिन ट्रेनों का हो रहा मेंटेनेंस

डीआरएम ने मेमू शेड का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि मेमू शेड बन जाने के बाद ट्रेनों का मेंटेनेंस भी समय से हो रहा है. पहले ट्रेनों का मेंटेनेंस करने के लिए झाझा भेजना पड़ता था. लेकिन, अब समय की बचत के साथ-साथ सुविधा बढ़ गयी है. इससे रेलयात्रियों को भी काफी सुविधा मिल रही है.

मेमू शेड नहीं होने के कारण ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए झाझा मेमू शेड भेजा जाता था. इस दौरान कई ट्रेनें अपने निर्धारित से समय लेट खुलती थीं. लेकिन, मेमू शेड में मेंटेनेंस का काम शुरू हो गया है. बताया कि 10 से अधिक ट्रेनों का गया में ही मेंटेनेंस का काम किया जाता है.

इसे भी पढ़ें: जयमाला के टाइम दुल्हन को देख थर-थर कांपने लगा दूल्हा, थाने में हुआ हैरान करने वाला खुलासा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >