वायरल वीडियो का असर: बासर गांव में 7:40 बजे तक नहीं खुला स्कूल, सड़क पर इंतजार करते रहे मासूम, BEO ने मांगा जवाब
जिले के मोहड़ा प्रखंड की अरई पंचायत स्थित बासर गांव में शिक्षा व्यवस्था की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. सोमवार को यहां के एक सरकारी विद्यालय में शिक्षकों की भारी लापरवाही देखने को मिली.
गया. जिले के मोहड़ा प्रखंड की अरई पंचायत स्थित बासर गांव में शिक्षा व्यवस्था की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. सोमवार को यहां के एक सरकारी विद्यालय में शिक्षकों की भारी लापरवाही देखने को मिली. सुबह 7:40 बजे तक विद्यालय का ताला नहीं खुला था और कोई भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचा था. इसका नतीजा यह रहा कि मासूम बच्चे स्कूल के बाहर सड़क पर खड़े होकर शिक्षकों के आने का इंतजार करते रहे.
ग्रामीणों ने वायरल किया वीडियो
छोटे बच्चों को इस तरह बिना किसी निगरानी के सड़क किनारे और स्कूल परिसर में भटकता देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. नाराज लोगों ने शिक्षकों की इस घोर लेटलतीफी का मौके पर ही वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षकों की यह मनमानी कोई नई बात नहीं है. बच्चे तो रोज समय पर स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन शिक्षकों की गैरहाजिरी और लेटलतीफी से उनकी पढ़ाई पूरी तरह बर्बाद हो रही है. इसके अलावा, सड़क पर बच्चों का इस तरह खड़ा रहना किसी बड़ी अनहोनी को भी दावत दे सकता है.
दो शिक्षिकाओं को शोकॉज नोटिस
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. इस पूरे मामले पर मोहड़ा प्रखंड की प्रभारी बीईओ (BEO) रेणु कुमारी ने बताया कि उक्त विद्यालय में कुल तीन शिक्षक कार्यरत हैं. इनमें से एक शिक्षक राजेश कुमार की ड्यूटी फिलहाल जनगणना कार्य में लगाई गई है. स्कूल से नदारद रहने के मामले में शेष दो शिक्षिकाओं—विद्यालय प्रभारी सरिता कुमारी और निर्मला चेतना—से स्पष्टीकरण (शोकॉज नोटिस) मांगा गया है. बीईओ ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि शिक्षिकाओं का जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
विधायक ने कहा- DM से करेंगे शिकायत
मामले के तूल पकड़ने के बाद अतरी क्षेत्र के विधायक रोमित कुमार ने भी इस पर संज्ञान लिया है. विधायक ने शिक्षकों के विलंब से स्कूल पहुंचने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात की है और विद्यालय की स्थिति में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया है. साथ ही, विधायक ने चेतावनी दी है कि वे इन लापरवाह शिक्षकों की कार्यशैली की शिकायत सीधे गया के जिलाधिकारी से भी करेंगे.