गया जी : स्पर्श नर्सिंग होम पर इलाज में लापरवाही का आरोप, गर्भ में बच्चे की मौत के बाद गर्भवती महिला को किया रेफर

शेरघाटी के स्पर्श नर्सिंग होम पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगा है. महिला को भर्ती कराने के बाद गर्भ में बच्चे की मौत हो गई. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है.

प्रतिनिधि, शेरघाटी. शेरघाटी शहर के नई बाजार के निकट आरजीएन पब्लिक स्कूल वाली गली स्थित स्पर्श नर्सिंग होम पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. कसमा थाना क्षेत्र निवासी दीपक कुमार ने शेरघाटी थाना में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

15 सितंबर की रात पत्नी को कराया था भर्ती

दीपक कुमार के आवेदन के अनुसार, उन्होंने 15 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे अपनी पत्नी मधु कुमारी को स्पर्श नर्सिंग होम में भर्ती कराया था. परिजनों का कहना है कि जांच के बाद चिकित्सकों ने उनकी स्थिति सामान्य बतायी थी. रात में इलाज के दौरान मधु को ब्लीडिंग शुरू हो गई.

हालत बिगड़ने पर इलाज जारी रखने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि ब्लीडिंग शुरू होने के बाद महिला की स्थिति बिगड़ने लगी, इसके बावजूद नर्सिंग होम में ही इलाज जारी रखा गया. उनका यह भी आरोप है कि इस दौरान परिजनों को मरीज से दूर कर दिया गया.

गर्भ में बच्चे की मौत की दी गई जानकारी

दीपक कुमार का आरोप है कि कुछ समय बाद उन्हें बताया गया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है. इसके बाद महिला की हालत गंभीर होने पर उसे गया रेफर करने की बात कही गई और नर्सिंग होम से ले जाने को कहा गया.

दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन के बाद बच्चे को निकाला गया

परिजनों के अनुसार, महिला को शेरघाटी स्थित मानवी हॉस्पिटल ले जाया गया. वहां चिकित्सक ने ऑपरेशन कर मृत बच्चे को बाहर निकाला. इसके बाद प्रसूता की जांच और उपचार किया गया. मामले में परिजनों ने पहले नर्सिंग होम में हुए इलाज को लेकर सवाल उठाए हैं.

इलाज की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

परिजनों ने नर्सिंग होम में नियमित चिकित्सक के बजाय कथित रूप से झोलाछाप लोगों द्वारा इलाज किए जाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि मरीज की हालत बिगड़ने को लेकर सवाल करने पर उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई.

अन्य मरीजों को लेकर भी लगाया आरोप

आवेदन में यह आरोप भी लगाया गया है कि नर्सिंग होम में भर्ती दो-तीन अन्य मरीजों को अंदर छोड़कर ताला बंद कर कर्मचारी वहां से चले गए. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविकता

मामले में पुलिस जांच के बाद ही नर्सिंग होम पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी. परिजनों ने नर्सिंग होम के लाइसेंस, वहां कार्यरत चिकित्सकों की योग्यता और इलाज की व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है. पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद मामले की स्थिति स्पष्ट होगी.

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By नवीन कुमार मिश्रा

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