गया. जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत भदेजा गांव के पास संचालित एक निजी अस्पताल की बेहद अमानवीय और शर्मनाक करतूत उजागर हुई है. यहां पैसों की हवस में अस्पताल प्रबंधन ने इंसानियत को ताक पर रखते हुए एक घायल मरीज को बंधक बना लिया. महज 42 हजार रुपये के बकाये बिल के लिए प्रबंधन ने मरीज को कमरे में बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए मरीज को मुक्त कराया और उसे बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेजा.
1.10 लाख वसूलने के बाद भी मांगे और पैसे
जानकारी के अनुसार, टनकुप्पा थाना क्षेत्र के टनकुप्पा गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद का 26 वर्षीय पुत्र दीपू कुमार कुछ दिन पहले सड़क हादसे का शिकार हो गया था. बाइक से घर लौटने के दौरान एक जंगली नीलगाय की टक्कर से उसका पैर टूट गया था. परिजनों ने उसे भदेजा स्थित इसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. मरीज के भाई निरंजन ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन इलाज के नाम पर अब तक उनसे 1.10 लाख रुपये वसूल चुका था. इतनी मोटी रकम देने के बावजूद दीपू की हालत में सुधार होने के बजाय उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ती जा रही थी.डिस्चार्ज मांगने पर कमरे में जड़ा ताला
मरीज की लगातार बिगड़ती हालत देख जब परिजनों ने उसे किसी बेहतर अस्पताल ले जाने के लिए छुट्टी (डिस्चार्ज) मांगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने 42 हजार रुपये का एक और बकाया बिल थमा दिया. परिजनों ने जब पैसे की तंगी का हवाला देते हुए बाद में भुगतान करने की बात कही, तो अस्पताल के कर्मचारी दबंगई पर उतर आए. उन्होंने मरीज को कमरे में ही बंधक बना लिया और बाहर से ताला लगा दिया ताकि बिना पैसे दिए कोई उसे ले न जा सके.पुलिस ने ताला खुलवाकर किया रेस्क्यू
मरीज को बंधक बनाए जाने की खबर मिलते ही मुफस्सिल थाना के अपर थानाध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद, एसआई मंटुन प्रसाद और एएसआई जगेश्वर सिंह दल-बल के साथ अस्पताल पहुंचे. पुलिस की मौजूदगी और सख्ती के बाद प्रबंधन ने कमरे का ताला खोला. पुलिस ने तुरंत मरीज को रेस्क्यू कर एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कराया. मुफस्सिल थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत के आधार पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.(रिपोर्ट: उदय शंकर, मानपुर)
