गया : पेंडिंग ट्रैफिक चालान से चाहिए छुटकारा, 9 मई को लोक अदालत में मिलेगी भारी छूट, ऐसे होगा निबटारा
अगर आपने ट्रैफिक नियम तोड़ा है और आपका ई-चालान लंबे समय से पेंडिंग है, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है. आगामी 9 मई को गया के व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर में 'राष्ट्रीय लोक अदालत' का आयोजन होने जा रहा है.
गया. अगर आपने ट्रैफिक नियम तोड़ा है और आपका ई-चालान लंबे समय से पेंडिंग है, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है. आगामी 9 मई को गया के व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर में ”राष्ट्रीय लोक अदालत” का आयोजन होने जा रहा है. यहां वाहन मालिक अपने लंबित ट्रैफिक चालानों का भारी छूट के साथ त्वरित निपटारा कर सकते हैं.
जागरूकता रथ हुआ रवाना
इस लोक अदालत में अधिक से अधिक लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. बुधवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार) प्रदीप कुमार मल्लिक और गया के डीएम शशांक शुभंकर ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह प्रचार वाहन शहर भर में घूमकर लोगों को चालान निपटारे की प्रक्रिया के बारे में जागरूक करेगा.
पुराने और नए चालानों के लिए अलग व्यवस्था
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मल्लिक ने बताया कि मामलों को सुव्यवस्थित ढंग से निपटाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. डीएम शशांक शुभंकर ने स्पष्ट किया कि 90 दिनों से अधिक पुराने चालान और हाल ही में कटे चालानों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जाएगा. इसके लिए अलग काउंटर होंगे, ताकि निपटारा तेज और सटीक हो सके. डीएम ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस लोक अदालत का हिस्सा बनकर अपने मुकदमों और चालानों का आसान समाधान पाएं.
ऑटोमैटिक मिलेगी जुर्माने में रियायत
इस लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चालान की वर्तमान स्थिति ऑनलाइन सिस्टम में पूरी पारदर्शिता के साथ दिखेगी और रियायती जुर्माने की गणना सिस्टम खुद कर लेगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास ने बताया कि कोर्ट परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा. लोगों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनाए जा रहे हैं, जहां पारा लीगल वालंटियर्स और अधिवक्ता (वकील) मौजूद रहेंगे, जो कागजी कार्यवाही में आम लोगों की मदद करेंगे.