Gaya News : नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर भी लगायी जा रहीं रोप लाइटें

Gaya News : नगर निगम को सरकार की ओर से विकास योजनाओं के लिए एरिया के आधार पर ही राशि उपलब्ध करायी जाती है. बावजूद इसके निगम कई बार अपने परिधि से बाहर जाकर भी काम कर चुका है.

गया जी. नगर निगम को सरकार की ओर से विकास योजनाओं के लिए एरिया के आधार पर ही राशि उपलब्ध करायी जाती है. बावजूद इसके निगम कई बार अपने परिधि से बाहर जाकर भी काम कर चुका है. इसी क्रम में वार्ड नंबर 53 में भेदजा पंचायत की एसएस कॉलोनी को निगम क्षेत्र दिखाकर लाखों रुपये की लागत से सड़क बनवा दी गयी. अधिकारियों के दबाव में निगम द्वारा नैली पंचायत के गुलगुलिया बाबा से पांच नंबर गेट तक सफाई कार्य भी कराया जा रहा है. अब मामला नैली गांव के बिजली पोल पर रोप लाइट लगाने का सामने आया है. शहर के कई वार्डों के पार्षद अपने-अपने वार्डों में बिजली पोल पर रोप लाइट लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं हो रही हैं. नैली गांव पूरी तरह नैली पंचायत के अंतर्गत आता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर निगम द्वारा लाइट लगायी गयी है, वहां से करीब 1000 मीटर पहले ही निगम क्षेत्र समाप्त हो जाता है. यदि यह लाइट सड़क किनारे के पोल पर लगायी जाती, तो इसे गलती माना जा सकता था, लेकिन गांव के अंदर जाकर पोल पर लाइट लगाना संदेह पैदा करता है. नगर निगम के अनुसार, शहर के कुल 10 हजार बिजली पोल पर रोप लाइट लगायी जानी है, जिनमें से अब तक ढाई से तीन हजार पोल पर लाइट लगायी जा चुकी है.

पहले भी हो चुका है पेमेंट

ग्रामीण क्षेत्र में बनवाये गये रोड का भुगतान हो चुका है, जबकि सफाई कार्य का भुगतान हर माह किया जा रहा है. एक पार्षद का कहना है कि संभवतः जब लाइट लगाने का भुगतान होगा, तब भी ग्रामीण क्षेत्र में लाइट लगाने की कटौती पर कोई ध्यान नहीं दिया जायेगा. मामला तब उजागर हुआ था जब रोड निर्माण के भुगतान के बाद मीडिया में यह मुद्दा उठा. उस समय के नगर आयुक्त ने ग्रामीण क्षेत्र में लगाये गये होल्डिंग्स को रद्द करने और संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेइ) से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश जारी किया था. हालांकि बाद में वह जेइ सेवानिवृत्त हो गये और उनके विरुद्ध वसूली की कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

सहायक अभियंता ने क्या कहा

नगर निगम के सहायक अभियंता गौरव कुमार सिन्हा ने बताया कि रोप लाइट सिर्फ निगम क्षेत्र के 53 वार्डों में ही लगानी है. देहाती क्षेत्र में रोप लाइट लगाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. यदि वहां लाइट लगायी जाती है, तो ठेकेदार के भुगतान से राशि काटी जायेगी. फिलहाल ढाई से तीन हजार पोल पर रोप लाइटें लगायी जा चुकी है.

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By Pranjal pandey

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