PM SHRI Project Kanya Inter Vidyalaya : गया जी जिले के शेरघाटी स्थित प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय का चयन केंद्र सरकार की पीएम श्री विद्यालय योजना के तहत किया गया है. अब इस विद्यालय में छठी से 12वीं तक की छात्राओं की पढ़ाई होगी, लेकिन बढ़ती छात्र संख्या के बीच शिक्षक और कक्षाओं की कमी बड़ी चुनौती बन गई है.
पीएम श्री योजना में शामिल हुआ विद्यालय
शेरघाटी का प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय अब पीएम श्री प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय के नाम से जाना जाएगा. विद्यालय प्रशासन ने नई व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है और एक-दो दिनों के भीतर छठी से आठवीं तक की कक्षाओं का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा.
बढ़ेगी छात्राओं की संख्या
फिलहाल विद्यालय में 9वीं से 12वीं तक करीब 2,150 छात्राओं का नामांकन है. छठी से आठवीं तक की लगभग 300 छात्राओं के स्थानांतरण के बाद छात्राओं की संख्या बढ़कर करीब 2,450 हो जाएगी.
शिक्षक और कक्षाओं की कमी बनी चुनौती
विद्यालय में 9वीं और 10वीं की करीब 900 छात्राओं के लिए केवल आठ शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि 11वीं और 12वीं की 1,252 छात्राओं के लिए सिर्फ नौ शिक्षक उपलब्ध हैं. भौतिकी, रसायन विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, गृह विज्ञान, उर्दू, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, राजनीति विज्ञान और संस्कृत जैसे कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं. इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है.
2,450 छात्राओं के लिए केवल 10 कक्षाएं
विद्यालय में कुल 15 कमरे हैं. इनमें एक कार्यालय, एक कंप्यूटर लैब, एक विज्ञान प्रयोगशाला और एक शिक्षक कक्ष है. इसके बाद छात्राओं की पढ़ाई के लिए केवल 10 कमरे उपलब्ध हैं. लगभग 2,450 छात्राओं के लिए इतनी कम कक्षाओं में पठन-पाठन की व्यवस्था करना विद्यालय प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती है.
प्राचार्य ने कही यह बात
विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार सिंह ने बताया कि अब विद्यालय पीएम श्री योजना के तहत संचालित होगा और छठी से 12वीं तक की छात्राओं की पढ़ाई यहीं होगी. उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही नई कक्षाओं का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
बुनियादी मध्य विद्यालय में भी बढ़ी चिंता
छठी से आठवीं तक की करीब 300 छात्राओं को राजकीय अभ्यास बुनियादी मध्य विद्यालय से यहां स्थानांतरित किया गया है. वहां पहली से आठवीं तक की पढ़ाई के लिए केवल तीन शिक्षिकाएं हैं, जो अब पीएम श्री विद्यालय में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं लेंगी. ऐसे में बुनियादी मध्य विद्यालय में पहली से पांचवीं और अन्य कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है. स्थानीय लोगों ने दोनों विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है.
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