मगध मेडिकल में मरीज पी रहे उबला पानी, हीटवेव वार्ड छोड़ कहीं नहीं है वाटर कूलर

जिले में हीटवेव और भीषण गर्मी का कहर जारी है. प्रशासन की ओर से हीटवेव से निबटने के लिए तमाम तरह के इंतजामों के दावे किये जा रहे हैं.

गया जी. जिले में हीटवेव और भीषण गर्मी का कहर जारी है. प्रशासन की ओर से हीटवेव से निबटने के लिए तमाम तरह के इंतजामों के दावे किये जा रहे हैं, लेकिन इन दावों की हकीकत जिले के सबसे बड़े मगध मेडिकल अस्पताल में ही दम तोड़ती नजर आ रही है. सरकारी कागजों में हर अस्पताल में वाटर कूलर लगे होने की बात कही गयी है, लेकिन मगध मेडिकल अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को पीने के लिए टंकियों का खौलता हुआ पानी मिल रहा है. अस्पताल प्रबंधन ने हीटवेव के लिए बनाये गये स्पेशल वार्ड में तो ठंडे पानी का इंतजाम कर दिया है, लेकिन इमरजेंसी, जनरल वार्ड और ओपीडी में आने वाले सैकड़ों मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है. हद तो यह है कि अस्पताल परिसर और बाहर लगी वाटर वेंडिंग मशीनें भी धोखा दे रही हैं. मरीजों के परिजनों का आरोप है कि मशीन में पैसे डालने के बाद भी पानी नहीं निकलता. हर साल गर्मी में अस्पताल का यही हाल रहता है और प्रबंधन आंखें मूंदे रहता है. अस्पताल सूत्रों की मानें तो इमरजेंसी की छत पर एक वाटर प्यूरिफायर प्लांट लगा है, लेकिन इसके साथ वाटर कूलर नहीं लगाया गया. चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के कारण प्लांट से पानी गर्म ही निकलता है, जिसे पीने को लोग मजबूर हैं.

क्या कहते हैं उपाधीक्षक

इस घोर लापरवाही पर मगध मेडिकल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ प्रवीण कुमार अग्रवाल का कहना है कि हर जगह लोगों को ठंडा पानी उपलब्ध कराया जायेगा. उन्होंने आश्वासन दिया है कि सोमवार से कोशिश की जा रही है कि व्यवस्था चालू कर दी जाये.

जिले में डीएम की निगरानी में हो रही व्यवस्था

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर जिले में जनहित के लिए पेयजल की विशेष व्यवस्था की निगरानी करने का दावा कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्याऊ की निशुल्क व्यवस्था की गयी है. साथ ही यह भी दावा किया गया है कि जिला अस्पताल, सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वाटर कूलर और एयर कंडीशन की व्यवस्था कर ली गयी है.

यहां दर्ज कराएं शिकायत

गर्मी और पेयजल व्यवस्था में कोताही को लेकर प्रशासन ने एक जिला नियंत्रण कक्ष बनाया है. अगर किसी को व्यवस्था से संबंधित शिकायत है, तो वह फोन नंबर 0631-2222253 पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. पीएचईडी विभाग को भी खराब चापाकलों को तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया गया है.

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By PRANJAL PANDEY

PRANJAL PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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