अंधविश्वास में अधेड़ की हत्या

इमामगंज के लावाबार गांव की घटना, जांच में जुटी पुलिस

इमामगंज के लावाबार गांव की घटना, जांच में जुटी पुलिस

ओझा-गुणी का आरोप लगा रस्सी से गला कस कर दी हत्या

शव को बोरे में बंद कर झाड़ी में फेंका, पुलिस ने किया बरामद

तीन महिलाओं समेत चार लोग हिरासत में

फोटो-गया-इमामगंज-01- परिजनों से पूछताछ करते पुलिस व शव को खोजने में जुटी पुलिस

प्रतिनिधि, इमामगंज.

कोठी थाना क्षेत्र के लावाबार गांव स्थित भुइंया टोली में दिनदहाड़े एक ग्रामीण की ओझा-गुणी के आरोप में रस्सी से गला कस कर हत्या कर दी. मृतक की पहचान 55 वर्षीय मंटू मांझी के रूप में हुई है. घटना की सूचना मिलते ही कोठी थानाध्यक्ष संजीत कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर वीरेंद्र पासवान, इमामगंज एसआइ योगेंद्र पाल, सलैया थानाध्यक्ष श्रीनारायण यादव, मैगरा थानाध्यक्ष विद्या शंकर अपने दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और मृतक के परिजनों से बात कर छानबीन में जुट गये. लेकिन, ग्रामीणों ने मंटू मांझी की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को नदी के किनारे झाड़ी में जाकर फेंक दिया था. पुलिस कई घंटों तक शव की खोजबीन में जुटी रही. इसी बीच मोरहर नदी के किनारे झाड़ी में बोरे से शव पुलिस ने बरामद किया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है. इस संबंध में कोठी थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड में तीन महिलाओं सहित चार लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. उन्होंने बताया कि ओझा-गुणी का आरोप लगाकर पड़ोसियों ने मारपीट करते हुए गले को रस्सी से कस कर अधेड़ की हत्या कर दी है. पुलिस आगे की जांच कर रही है.

घटना के बाद बोले ग्रामीण

मृतक के गांव वालों ने बताया कि मंटू मांझी पूरे गांव वालों को डायन-भूत लगाकर परेशान किया करता था. आधा दर्जन से अधिक लोगों को डायन-भूत लगाकर मौत की नींद सूला दिया है. कई बार मंटू मांझी को समझाया गया. लेकिन, वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था. उसके बाद ग्रामीणों ने इस घटना को अंजाम दिया है.

घटना पर बोले बुद्धिजीवी

इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में अक्सर डायन, भूत, ओझा-गुणी का आरोप लगाकर हत्या हो रही है, जो सरासर गलत है. पिछले माह 17 जुलाई की देर रात कोठी थाना क्षेत्र के तेलवारी गांव के रहने वाले जगदीश साव की अज्ञात लोगों ने ओझा-गुणी का आरोप लगाकर धारदार हथियारों से हत्या कर दी था. एक ओर इंसान चांद पर पहुंच गया है, पर गांव में अब भी अंधविश्वास के कारण ग्रामीणों की हत्या ओझा-गुणी डायन-भूत के आरोप लगाकर करने से लोग बाज नहीं आ रहे है. यह चिंता का विषय है. इसके लिए बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही साथ सामाजिक संगठनों को क्षेत्र में जागरूकता लाने के लिए कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है.

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By Rohit kumar singh

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