गया जी : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरेव गांव निवासी 60 वर्षीय अरुण शर्मा की मुंबई के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. उनका पार्थिव शरीर जब पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया. घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई.
20 वर्षों से मुंबई में कर रहे थे कारपेंटर का काम.
परिजनों के अनुसार, अरुण शर्मा पिछले करीब 20 वर्षों से मुंबई में रहकर कारपेंटर मिस्त्री का काम करते थे. उनका पूरा परिवार भी मुंबई में अपना घर बनाकर वहीं रह रहा था. मेहनत-मजदूरी कर वह परिवार का भरण-पोषण करते थे.
मरम्मत के दौरान बिगड़ी तबीयत, ऊंचाई से गिरकर हुए थे घायल.
बताया गया कि एक सप्ताह पहले वह मुंबई स्थित अपने घर की साफ-सफाई और बरसात से पहले कंक्रीट की मरम्मत का काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह ऊंचे स्थान से नीचे गिर गए. हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
सड़क मार्ग से गांव पहुंचा शव, विष्णुपद श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार.
मृतक का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से गया के मानपुर स्थित बरेव गांव लाया गया. अंतिम संस्कार विष्णुपद श्मशान घाट पर किया गया, जहां उनके बड़े बेटे चंदन कुमार ने मुखाग्नि दी. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक पहुंचे.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल.
अरुण शर्मा के निधन से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में शोक का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य रखने की सांत्वना दी.
