लोक अदालत से सुलझेंगे बैंक ऋण विवाद, तैयारियां तेज

अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय शेरघाटी में नौ मई को आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर बैंकिंग सेक्टर की तैयारियां तेज कर दी गयी हैं.

शेरघाटी. अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय शेरघाटी में नौ मई को आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर बैंकिंग सेक्टर की तैयारियां तेज कर दी गयी हैं. इसको लेकर आयोजित बैठक में ऋण से जुड़े मामलों के अधिकतम निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मलिक के निर्देश पर जिला जज प्रथम लवकुश कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं अन्य बैंकों के प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक हुई. बैठक का मुख्य फोकस बैंक लोन से जुड़े विवादों को लोक अदालत के माध्यम से सुलझाना रहा. बैठक में निर्देश दिया गया कि एनपीए खातों को चिह्नित कर संबंधित ग्राहकों को समय पर नोटिस भेजा जाये, ताकि वे लोक अदालत में अपने मामलों का निबटारा करा सकें. साथ ही सभी बैंकों को एक नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने और प्रत्येक शाखा स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित करने को कहा गया, जिससे खाताधारकों को आवश्यक सहायता मिल सके. बैंक प्रबंधकों से ऋण मामलों के निबटारे में लचीला रुख अपनाने की अपील की गयी, ताकि अधिक से अधिक मामलों का समझौते के आधार पर समाधान हो सके. सभी बैंकों ने लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया. बैठक में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बिहार ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक एवं कोऑपरेटिव बैंक के प्रतिनिधि मौजूद रहे. अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का त्वरित और सुलभ निबटारा करना है.

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By ROHIT KUMAR SINGH

ROHIT KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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