गुप्त नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचे गया जी के ब्राह्मण, 23 जुलाई को पूर्णाहुति के साथ होगा विशेष अनुष्ठान

गया जी के पुजारी और ब्राह्मण गुप्त नवरात्रि के अवसर पर मां विंध्यवासिनी धाम में विशेष साधना और अनुष्ठान कर रहे हैं. 23 जुलाई को पूर्णाहुति के साथ यह नौ दिवसीय पूजा-अर्चना संपन्न होगी.

Gupta Navratri 2026 : गया जी के श्री सालासर बालाजी मंदिर से जुड़े पुजारी और ब्राह्मण गुप्त नवरात्रि के अवसर पर शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी धाम में विशेष साधना और अनुष्ठान में शामिल हैं. साधकों के अनुसार 23 जुलाई को पूर्णाहुति के साथ नौ दिवसीय पूजा-अर्चना का समापन होगा.

मां विंध्यवासिनी धाम में चल रही विशेष साधना

दरअसल, सनातन धर्म में गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है. इसी परंपरा के तहत गया जी के श्री सालासर बालाजी मंदिर के पुजारी सुरेंद्र पांडेय, राकेश पांडेय, दीपक पांडेय तथा अन्य ब्राह्मण शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी के दरबार में विशेष साधना और पूजा-अर्चना में लीन हैं.

23 जुलाई को होगी अनुष्ठान की पूर्णाहुति

साधना में शामिल दीपक पांडेय ने बताया कि गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों तक माता की विशेष पूजा, जप और तप का अनुष्ठान चल रहा है. उन्होंने बताया कि 23 जुलाई को पूर्णाहुति के साथ इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान का समापन किया जाएगा.

गुप्त नवरात्रि को बताया आध्यात्मिक साधना का विशेष काल

पंडित राकेश पांडेय ने बताया कि गुप्त नवरात्रि को सामान्य नवरात्रियों की तुलना में अधिक प्रभावशाली और रहस्यमयी माना जाता है. उनके अनुसार इस दौरान दस महाविद्याओं की उपासना की जाती है और गोपनीय रूप से की गई साधना का विशेष महत्व बताया गया है. यह समय साधकों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शक्ति के जागरण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है.

जनकल्याण की भावना से हो रहा विशेष अनुष्ठान

साधकों ने बताया कि मां विंध्यवासिनी के दरबार में भक्तों के कल्याण की भावना से विशेष जप, हवन और पूजा-अर्चना की जा रही है. उनका कहना है कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि समाज और जनकल्याण की मंगलकामना भी है.


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By Niraj kumar

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