Vegetable Price: हरी सब्जियों के दाम हुए धड़ाम, किसान परेशान, जानें लेटेस्ट रेट

Vegetable Price: बिहार के किसान इन दिनों काफी परेशान हैं. पैदावार अधिक होने से हरी सब्जियों के दाम बहुत कम हो गये हैं. आइये लेटेस्ट रेट जानते हैं...

Vegetable Price: बिहार के गया में पैदावार अधिक होने से हरी सब्जियों के दाम धड़ाम हो गये हैं. हरी सब्जियों के दाम काफी सस्ती होने से जहां आम वर्ग की थालियों की जायका बढ़ रही है. वहीं किसानों को लागत भी नसीब नहीं हो रहा है. दिहाड़ी मजदूर व अन्य वर्ग के आम लोग जो रोज कमाने खाने वाले हैं, अब बजट में हीं हरी सब्जियों का स्वाद भी लेने लगे हैं. खरमास से पहले अधिकतर हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे थे. चल रहे खरमास महीना और वैवाहिक लगन नहीं रहने व जिले में पैदावार काफी अधिक होने से अधिकतर हरी सब्जियां काफी कम कीमत में थोक बाजार में बिक रही है. दूसरी तरफ यह भी माना जा रहा है कि सभी शुभ कामों पर ब्रेक लगने से पैदावार की तुलना में सब्जियों की मांग काफी कम होने के कारण इनकी कीमत धड़ाम हो गयी है. बताते चलें कि खरमास से पहले वैवाहिक लगन, पार्टी फंक्शन, गृह प्रवेश, मुंडन, जन्मदिन सहित अन्य सभी तरह के मांगलिक व शुभ काम होने से हरी सब्जियों की मांग काफी अधिक हो रही थी.

Vegetable price

हरी सब्जियों के भाव

मटर छीमी- 20 से 25 रुपये प्रति किलो
टमाटर- 08 से 10 रुपये प्रति किलो
कोबी- 03 से 05 रुपये प्रति पीस
बंदा गोबी- 05 से 06 रुपये प्रति पीस
पालक साग- 10 रुपये प्रति किलो
लाल- 10 रुपये प्रति किलो
बैगन- 05 रुपये प्रति किलो
सिम- 20 रुपये प्रति किलो
आलू- 18 रुपये प्रति किलो
कटहल- 50 रुपये प्रति किलो
प्याज- 30 से 32 रुपये प्रति किलो
प्याज- 16 से 18 रुपये प्रति किलो
हरी मिर्च- 25 से 30 रुपये प्रति किलो
धनिया पत्ता- 10 से 15 रुपये प्रति किलो
शिमला मिर्च- 30 रुपये प्रति किलो
आंवला- 20 रुपये प्रति किलो
अदरक- 40 रुपये प्रति किलो
फड़कबीम- 30 रुपये प्रति किलो
चुकंदर- 15 से 20 रुपये प्रति किलो
कद्दू- 20 रुपये प्रति किलो
परोर- 40 रुपये प्रति किलो
भिंडी- 60 रुपये प्रति किलो
पटेल- 80 रुपये प्रति किलो

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क्या बोले कारोबारी

गया केदारनाथ मार्केट फल सब्जी विक्रेता संघ के उपसचिव किशोर प्रसाद ने बताया कि ट्रांसपोर्टिंग का किराया काफी अधिक होने से किसान सब्जियों को दूसरी जगह नहीं भेज पा रहे हैं. इसके कारण सब्जियां काफी सस्ती में बिक रही है. किसानों को लागत भी नसीब नहीं हो रहा है. वही, उपाध्यक्ष मो महताब ने कहा कि भिंडी, परवल, कटहल, प्याज सहित कई अन्य सब्जियां जिसका पैदावार वर्तमान में यहां नहीं है, दूसरे राज्यों से मंगायी जा रही है. इसके कारण इन सब्जियों की कीमत ऊंची है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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