Gayaji News: (गयाजी से अरविंद कुमार सिंह) जिले के फतेहपुर थाना इलाका के कोकथा गांव में प्राचीन तालाब की खुदाई के दौरान लकड़ी का एक रहस्यमयी स्तंभ मिलने से इलाके में चर्चा का माहौल है. ग्रामीणों के बीच इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार गांव का यह तालाब काफी पुराना है. हाल ही में जल संसाधन विभाग द्वारा तालाब की खुदाई कराई जा रही थी.
क्या है पूरी खबर
करीब 30 फीट खुदाई के बाद जमीन के अंदर लकड़ी के एक बड़े स्तंभ का ऊपरी हिस्सा दिखाई दिया. इसके बाद से ग्रामीण अपने स्तर पर लगातार तीन दिनों से स्तंभ को बाहर निकालने में जुटे हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन करीब 10 फीट तक खुदाई की जाती है, लेकिन रात में गड्ढा अपने आप 5 से 6 फीट तक भर जाता है. इसे लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं और कुछ लोग इसे ‘भगवान की लीला’ भी बता रहे हैं.
खुदाई के बाद भी नहीं निकल पा रहा स्तंभ
ग्रामीण चंदेश्वर यादव, रवि कुमार, शांति देवी, पार्वती देवी और सतीश कुमार ने बताया कि काफी खुदाई के बाद भी स्तंभ को पूरी तरह बाहर नहीं निकाला जा सका है. खुदाई के दौरान प्राचीन काल में महलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली ईंटें भी मिलने की बात कही जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के अंदर वर्षों तक दबे रहने के बावजूद स्तंभ की लकड़ी न तो सड़ी है और न ही उसकी मजबूती कम हुई है.
ऐतिहासिक रहस्य छिपे होने की आशंका
इससे लोगों को आशंका है कि जमीन के अंदर कोई प्राचीन संरचना या ऐतिहासिक रहस्य छिपा हो सकता है. ग्रामीणों ने पुरातत्व विभाग से वैज्ञानिक तरीके से खुदाई कराने की मांग की है. वहीं मनोज कुमार ने बताया कि मामले की उन्हें अब तक कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है.
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