वजीरगंज (अमरेंद्र कुमार की रिपोर्ट). गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के मलकपुर गांव में अंधविश्वास के कारण एक 35 वर्षीय महिला की जान चली गई. सांप काटने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में उलझे रहे. समय पर ”एंटी स्नेक वेनम” न मिलने के कारण महिला के शरीर में जहर फैल गया और उसने दम तोड़ दिया. मृतका की पहचान मलकपुर निवासी टिंकू यादव की पत्नी रेखा देवी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह करीब छह बजे की है. रेखा देवी घर में बर्तन मांजने की तैयारी कर रही थी. इसी दौरान वह बर्तन धोने के लिए थोड़ी मिट्टी निकालने गई. मिट्टी निकालते वक्त उसका हाथ पास ही मौजूद गेहुअन सांप के बिल में चला गया और सांप ने उसे डस लिया.
झाड़-फूंक में बर्बाद किया ”गोल्डन ऑवर”
मेडिकल साइंस के अनुसार, सांप काटने के बाद का पहला एक घंटा ”गोल्डन ऑवर” माना जाता है. इसमें मरीज को सही इलाज मिल जाए, तो जान बचने की संभावना सबसे अधिक होती है. लेकिन सांप काटने के बाद रेखा के परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय आनन-फानन में गांव के ओझा-गुनी के पास ले गए. इस तंत्र-मंत्र के चक्कर में काफी कीमती समय बर्बाद हो गया.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत
जब ओझा के टोटकों से कोई फायदा नहीं हुआ और महिला की हालत बिगड़ने लगी, तब परिजनों की नींद टूटी. वे तुरंत उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और महिला ने प्राण त्याग दिए. इस दुखद घटना के बाद से मलकपुर गांव में मातम पसरा है. मृतका के पति टिंकू यादव और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है.
