Gaya POCSO Court Verdict : पॉक्सो एक्ट के एक मामले में अदालत ने एक आरोपित को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया. पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश देवप्रिय कुमार की अदालत ने आरोपित विक्की कुमार को साक्ष्य के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया.
आरोपित विक्की कुमार गुरारू थाना क्षेत्र के डीहा गांव का रहने वाला है. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार ने अपना पक्ष रखा.
पीड़िता की मां ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी, दुष्कर्म के प्रयास का था आरोप
विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार ने बताया कि इस मामले में पीड़िता की मां ने प्राथमिकी दर्ज करवाई थी. अपनी प्राथमिकी में उन्होंने आरोप लगाया था कि 10 मई 2025 को जब पीड़िता अपने घर में मौजूद थी, तब आरोपित उसके घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया था.
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अभियोजन पक्ष की ओर से हुई पांच गवाहों की गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष कुल पांच गवाहों की गवाही कराई गई. अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना.
साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दिया बरी करने का आदेश
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद साक्ष्य के अभाव में आरोपित विक्की कुमार को बरी करने का फैसला सुनाया. बचाव पक्ष की ओर से चीफ एलएडीसी मुकेश चंद्र सिन्हा, केके पाठक, अखौरी नीरज व राजकुमार ने अपना पक्ष रखा.
