Gaya News : गया जी. बढ़ते गर्मी के मौसम में कई बीमारियों से पीड़ित मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. सभी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है और लोग काफी परेशान नजर आ रहे हैं. यहां का तापमान आज 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है.स्वास्थ्य विभाग की ओर से हीटवेव से निबटने के लिए हर स्तर पर तैयारियां की गयी हैं. हीटवेव से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए सीएचसी में दो-दो बेड, अनुमंडल और सदर अस्पताल में पांच-पांच बेड तथा मगध मेडिकल अस्पताल में 110 बेड सुरक्षित रखे गये हैं. मगध मेडिकल अस्पताल में इस मौसम में अब तक हीटवेव से प्रभावित एक मरीज भर्ती हुआ था, जिसे एक सप्ताह पहले स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लापरवाही के कारण किसी भी उम्र के लोग हीटवेव की चपेट में आ सकते हैं. सावधानी ही इससे बचाव का एकमात्र उपाय है. पहले से बीपी और शुगर के मरीज को गर्मी में तबीयत बिगड़ने के बाद इमामगंज पीएचसी से मगध मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया. जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि मरीज पहले से ही कई बीमारियों से पीड़ित है.
क्या कहते हैं अधीक्षक
मगध मेडिकल अस्पताल अधीक्षक डॉ. केके सिन्हा ने बताया कि हीटवेव से निबटने को लेकर पूरी तैयारी पहले से कर ली गयी है. इन दिनों इमरजेंसी में पुराने बीमार मरीज गर्मी में लापरवाही के कारण अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं. मौजूदा संसाधनों में उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही है. उन्होंने कहा कि दिल, सांस, शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को गर्मियों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए. जरा सी लापरवाही से हालत बिगड़ सकती है और अस्पताल जाने की नौबत आ सकती है. सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद ने बताया कि सभी अस्पतालों को हर स्तर पर अलर्ट मोड में रखा गया है और लोगों को स्वस्थ रहने के लिए जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए.
