गया के बीचों-बीच करोड़ों की योजना बनी मौत का जाल ब्रह्मसत तालाब में बंद पड़ी लाइट एंड साउंड परियोजना, अवशेषों पर खेल रहे बच्चे

Gaya News: गया शहर के ब्रह्मसत तालाब में नगर निगम की करोड़ों रुपये की लाइट एंड साउंड योजना वर्षो बाद भी शुरू नहीं हो सकी है. धार्मिक और पर्यटन विकास के बड़े दावों के साथ शुरू की गई यह परियोजना अब बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है. तालाब परिसर में लगाई गई मशीनें और लोहे के ढांचे जंग खाकर टूटने लगे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

Gaya News🙁जितेंद्र मिश्रा) गया शहर के ब्रह्मसत तालाब में नगर निगम की करोड़ों रुपये की लाइट एंड साउंड योजना वर्षो बाद भी शुरू नहीं हो सकी है. धार्मिक और पर्यटन विकास के बड़े दावों के साथ शुरू की गई यह परियोजना अब बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है. तालाब परिसर में लगाई गई मशीनें और लोहे के ढांचे जंग खाकर टूटने लगे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

टूटे ढांचों पर खेल रहे बच्चे

शाम होते ही तालाब के आसपास बच्चे टूटे हुए ढांचे और लोहे के अवशेषों पर चढ़कर तालाब में छलांग लगाते नजर आते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि रखरखाव के अभाव में पूरा परिसर कबाड़ में बदल गया है. खुले पड़े लोहे और मशीनों के हिस्से कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं. लेकिन नगर निगम की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

अधूरी योजना से प्रभावित हुई आजीविका

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि गया नगर निगम ने करोड़ों रुपये खर्च कर योजना शुरू तो की, लेकिन उसे पूरा नहीं किया. इसका नुकसान सिर्फ शहर की छवि को ही नहीं बल्कि तालाब से जुड़े लोगों की आजीविका को भी हुआ है. पहले यहां साहनी समाज के लोग मछली पालन कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे. लेकिन परियोजना अधूरी रहने से उनका रोजगार प्रभावित हो गया हैं.

सुरक्षा व्यवस्था की उठी मांग

वार्ड 41 की पार्षद अंजना श्रीवास्तव ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तालाब परिसर से टूटे अवशेष और कबाड़ को जल्द हटाने की मांग की है. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर योजना को या तो शुरू करने या फिर परिसर को सुरक्षित बनाने की अपील की है.

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Published by: Vivek Singh

Vivek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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