गया जी से रोहित की रिपोर्ट
Gaya Ji Heart Surgery Record: गया जी के शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर ने हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. अस्पताल में एक ही दिन में 8 बैलून माइट्रल वॉल्वोटोमी (BMV) प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की गईं. इन जटिल हृदय प्रक्रियाओं का नेतृत्व वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमन सिन्हा और उनकी टीम ने किया.
एक दिन में 8 बीएमवी प्रक्रिया, अस्पताल का बड़ा दावा
गया जी स्थित शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर ने दावा किया है कि एक ही दिन में 8 बैलून माइट्रल वॉल्वोटोमी सफलतापूर्वक की गईं. अस्पताल के अनुसार यह उपलब्धि बिहार में अपने प्रकार की पहली घटना है. हालांकि इस दावे का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है.
क्या है बैलून माइट्रल वॉल्वोटोमी (BMV)
बीएमवी एक उन्नत इंटरवेंशनल हृदय प्रक्रिया है, जिसका उपयोग माइट्रल स्टेनोसिस के उपचार में किया जाता है. इस बीमारी में हृदय का माइट्रल वाल्व संकरा हो जाता है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होने लगता है.विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या अक्सर रूमेटिक हार्ट डिजीज के कारण विकसित होती है और समय पर उपचार नहीं मिलने पर गंभीर हृदय जटिलताओं का कारण बन सकती है.
महिलाओं में अधिक देखी जाती है यह बीमारी
डॉक्टरों के अनुसार माइट्रल स्टेनोसिस महिलाओं में अपेक्षाकृत अधिक पाया जाता है. मरीजों को चलने-फिरने या शारीरिक गतिविधि के दौरान सांस फूलने की शिकायत हो सकती है.
रोग बढ़ने पर सांस लेने में कठिनाई, लेटने पर घुटन, शरीर में सूजन और हृदय विफलता जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं.
बिना बड़े चीरे के किया गया उपचार
डॉ. अमन सिन्हा ने बताया कि बीएमवी प्रक्रिया में जांघ की रक्तवाहिनी के माध्यम से विशेष कैथेटर हृदय तक पहुंचाया जाता है. इसके जरिए संकरे वाल्व को फैलाया जाता है ताकि रक्त प्रवाह सामान्य हो सके. इस प्रक्रिया की खास बात यह है कि इसमें मरीज के शरीर पर बड़ा चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं होती. केवल छोटे पंक्चर के माध्यम से उपचार पूरा किया जाता है.
30 वर्षीय महिला का ASD डिवाइस क्लोजर भी सफल
इसी दौरान अस्पताल में 30 वर्षीय महिला मरीज का एएसडी (Atrial Septal Defect) डिवाइस क्लोजर भी सफलतापूर्वक किया गया. इस प्रक्रिया में हृदय के जन्मजात छेद को विशेष डिवाइस की मदद से बंद किया जाता है और सामान्यतः ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ती.
उन्नत हृदय प्रक्रियाओं की उपलब्धता पर जोर
अस्पताल के अनुसार बीएमवी, एएसडी डिवाइस क्लोजर, रोटेशनल एथेरेक्टॉमी और ऑर्बिटल डिबल्किंग जैसी प्रक्रियाएं देश के सीमित चिकित्सा केंद्रों में उपलब्ध हैं. अस्पताल का कहना है कि इन तकनीकों की मदद से कई मामलों में ओपन हार्ट सर्जरी या बाईपास सर्जरी की आवश्यकता कम हो सकती है. आयुष्मान भारत योजना के तहत हुआ उपचार अस्पताल प्रशासन के अनुसार इन मरीजों का उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत किया गया. इसके कारण पात्र मरीजों को उपचार के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ा.
गया जी के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी उन्नत चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हों तो मरीजों को बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. इससे समय और खर्च दोनों की बचत हो सकती है.
