EO Vimal Kumar Murder : डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार की हत्या ने उनके पैतृक शहर शेरघाटी को गहरे सदमे में डाल दिया है. जिस पुराने पुश्तैनी मकान में वर्षों बाद परिवार के लौटने की तैयारी चल रही थी, उसी घर में प्रवेश से पहले ही विमल कुमार हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गए.
गोला बाजार स्थित राज सिनेमा हॉल वाली गली में रहने वाले लोगों के लिए हत्या की खबर पर पहले यकीन करना मुश्किल था. स्थानीय लोगों ने बताया कि 20-25 वर्षों बाद परिवार के फिर से शेरघाटी में बसने की उम्मीद के साथ पुराने मकान का जीर्णोद्धार कराया जा रहा था. घर में टाइल्स और मार्बल का काम अंतिम चरण में था और एक-दो महीने में परिवार के आने की संभावना थी.
पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक शिक्षा
स्थानीय लोगों के अनुसार, डॉ. विमल कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटे थे. उनके पिता स्वर्गीय युगल अग्रवाल ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े थे.
बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पूरी होने के बाद परिवार के सदस्य अलग-अलग शहरों में नौकरी और व्यवसाय के कारण बस गए. बीपीएससी से चयनित होने के बाद विमल कुमार कार्यपालक पदाधिकारी बने और परिवार के साथ पटना में रह रहे थे. उनकी प्रारंभिक शिक्षा शेरघाटी में ही हुई थी.
अंतिम बार घर का जायजा और हत्या की सूचना
पड़ोसियों ने बताया कि डॉ. विमल कुमार दो-तीन दिन पहले ही घर के निर्माण कार्य का जायजा लेकर मजदूरों को आवश्यक निर्देश देकर गए थे.
किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी. शनिवार की रात करीब 11 बजे हत्या की सूचना मिलते ही परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की ओर रवाना हो गए.
पुलिस जांच और नेताओं द्वारा शोक व्यक्त
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में चालक ने लोहे की रॉड से हमला कर हत्या करने की बात स्वीकार की है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चालक और अधिकारी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था.
मामले की जांच जारी है. भाजपा के गया जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश उर्फ चिंटू सिंह ने घटना को शेरघाटी के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की. वहीं राजद नेता प्रमोद कुमार वर्मा सहित मनोज अग्रवाल, सत्या अग्रवाल, महेंद्र प्रसाद उर्फ टन्ना अग्रवाल, राजीव गोयल समेत कई लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया.
