गया में दर्दनाक हादसा: 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से टकराया डीजे, करेंट की चपेट में आये आठ बच्चे बुरी तरह घायल
मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के नीमा गांव में बुधवार को शादी का जश्न उस वक्त मातम और चीख-पुकार में बदल गया, जब एक डीजे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया.
गया. मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के नीमा गांव में बुधवार को शादी का जश्न उस वक्त मातम और चीख-पुकार में बदल गया, जब एक डीजे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया. इस दर्दनाक हादसे में डीजे पर सवार और उसके आसपास नाच रहे करीब आठ बच्चे करंट की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गए. इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है.
रस्मों के दौरान मध्य विद्यालय के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, नीमा गांव निवासी वीरेंद्र यादव के बेटे अवधेश कुमार की गुरुवार को बारात जानी थी. इसी शादी की मांगलिक रस्मों को लेकर बुधवार को गांव की महिलाएं पारंपरिक गीत गाते हुए पास के एक धार्मिक स्थल की ओर जा रही थीं. उनके साथ-साथ डीजे की धुन पर दर्जनों बच्चे भी नाचते हुए चल रहे थे. इसी दौरान, जब यह जुलूस नीमा गांव स्थित मध्य विद्यालय के पास से गुजर रहा था, तभी डीजे ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया.
जोरदार धमाका और मच गई चीख-पुकार
तार से डीजे सटते ही जोरदार धमाका हुआ और पूरे इलाके में करंट दौड़ गया. करंट की चपेट में आने से आठ बच्चे झुलस कर जमीन पर गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई. हादसे के तुरंत बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि घुटिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि आदित्य कुमार यादव, पूर्व मुखिया हरदेव यादव और समाजसेवी सुनील यादव मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों की मदद से सभी घायल बच्चों को आनन-फानन में मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया.
इन घायल बच्चों की हुई पहचान
अस्पताल में भर्ती आठ घायल बच्चों में से छह की पहचान कर ली गई है. इनमें नीमा गांव के आठ वर्षीय अनुराग कुमार, 15 वर्षीय शांति कुमारी, 11 वर्षीय सोनू कुमार, भोला बिगहा की पांच वर्षीय काजल कुमारी, कठौतिया के चार वर्षीय आयुष कुमार और बेलदार बिगहा की 10 वर्षीय पीहू कुमारी शामिल हैं. अन्य दो बच्चों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं. घटना की सूचना मिलते ही मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तार नीचे झूल रहा था या डीजे की ऊंचाई मानकों से अधिक थी. फिलहाल सभी घायल बच्चों का इलाज जारी है.