रोज 10-12 घंटे पढ़ कर हासिल की कामयाबी
गया/धनबाद. डोभी प्रखंड में चतरा रोड पर हरदवन के पास पाठक बिगहा के रहनेवाले प्रभातरंजन पाठक को यूपीएससी की परीक्षा में बड़ी कामयाबी मिली है. उनकी सफलता को बड़ी कामयाबी इसलिए कहा जा सकता है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी घर पर ही की थी. टाटा की नौकरी को नजरअंदाज कर जोखिम उठाते हुए यूपीएससी […]
गया/धनबाद. डोभी प्रखंड में चतरा रोड पर हरदवन के पास पाठक बिगहा के रहनेवाले प्रभातरंजन पाठक को यूपीएससी की परीक्षा में बड़ी कामयाबी मिली है. उनकी सफलता को बड़ी कामयाबी इसलिए कहा जा सकता है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी घर पर ही की थी. टाटा की नौकरी को नजरअंदाज कर जोखिम उठाते हुए यूपीएससी की तैयारी में लगे थे और अंतत: उन्होंने वह मुकाम हासिल कर ही लिया, जिसके लिए उन्होंने अच्छी-खासी दूसरी नौकरियां छोड़ी थीं. सबसे खास बात तो यह है कि उन्हें ऑल इंडिया स्तर पर 137वां रैंक हासिल हुआ है. वह भी पहले ही अटेंप्ट में.
प्रभात रंजन के पिता इंडियन आर्मी में धर्मगुरु के पद पर सेवा दे रहे हैं. वह अत्यंत सामान्य परिवार से आते हैं. पढ़ाई-लिखाई में अपनी कुशाग्रता के बूते प्रभात रंजन ने अपने लक्ष्य को हासिल किया है. वैसे, इसका श्रेय वह अपने माता-पिता और परिजनों के साथ ही पढ़ाई-लिखाई में अपनी प्रतिबद्धता को भी देते हैं.
उन्होंने फोन पर बताया कि यूपीएससी की तैयारी के लिए वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लगातार 10-12 घंटे रोज पढ़ रहे थे. यूपीएससी के लिए ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर भूगोल लेनेवाले प्रभात रंजन ने बताया कि अगर समर्पित होकर पढ़ा-लिखा जाये, तो कोई भी परीक्षा बहुत कठिन नहीं है. डीपीएस बोकारो से शुरुआती पढ़ाई-लिखाई करनेवाले प्रभात रंजन पाठक ने आइआइटी, धनबाद, से मेकानिकल इंजीनियरिंग में बीटेक भी किया है.