महाबोधि मंदिर की सुरक्षा अब सीआइएसएफ के हवाले !
बोधगया: बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए सबसे प्रमुख व अहम दर्जा रखनेवाले महाबोधि मंदिर की सुरक्षा अब सीआइएसएफ के जवानों के हवाले कर दी जायेगी. इसके लिए राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने का इंतजार है. बुधवार को सीआइएसएफ के डीआइजी श्रीकांत किशोर ने महाबोधि मंदिर परिसर की सुरक्षा का जायजा लिया व यहां पहले से तैनात […]
बोधगया: बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए सबसे प्रमुख व अहम दर्जा रखनेवाले महाबोधि मंदिर की सुरक्षा अब सीआइएसएफ के जवानों के हवाले कर दी जायेगी. इसके लिए राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने का इंतजार है. बुधवार को सीआइएसएफ के डीआइजी श्रीकांत किशोर ने महाबोधि मंदिर परिसर की सुरक्षा का जायजा लिया व यहां पहले से तैनात बीएमपी के जवानों के लिए तैयार मोरचे व सुरक्षा को लेकर की गयी अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली.
डीआइजी ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा से संबंधित बिंदुओं पर डीएम कुमार रवि से मंत्रणा भी की. इस दौरान मंदिर की सुरक्षा में तैनात किये गये जवानों की संख्या, उनके बैरक व अन्य जानकारियां उन्हें उपलब्ध करायी गयी. बाद में डीएम कार्यालय में सीआइएसएफ की तैनाती को लेकर विमर्श किया गया. हालांकि, केंद्र के निर्णय के बाद अब राज्य सरकार द्वारा जवानों की तैनाती की स्वीकृति दी जानी बाकी है.
इसमें जवानों के रहने, आने-जाने के साथ ही अन्य तरह की व्यवस्था मुहैया कराना व जवानों को महाबोधि मंदिर की सुरक्षा पर लगाये जाने के बाद अन्य तरह के खर्च आदि पर भी राज्य सरकार को ध्यान देना पड़ेगा. डीएम ने बताया कि मंदिर की सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ की तैनाती को लेकर डीआइजी ने जायजा लिया है. अब राज्य सरकार के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई अमल में आ पायेगी. मीटिंग के दाैरान डीडीसी संजीव कुमार, सदर एसडीआे विकास कुमार जायसवाल व बीटीएमसी के सचिव एन दाेरजे भी माैजूद थे.
गौरतलब है कि सात जुलाई 2013 की अहले सुबह आतंकियों द्वारा महाबोधि मंदिर परिसर में चार स्थानों पर ब्लास्ट कर दिया गया था. इसमें सिर्फ दो लोग घायल हुए थे. सिलसिलेवार धमाके में बोधगया के 80 फुट बुद्ध मूर्ति, तेरगर मोनास्टरी व एक पर्यटन बस में भी ब्लास्ट हुआ था. इसके बाद से ही महाबोधि मंदिर की सुरक्षा में सीआइएसएफ की तैनाती की मांग की जा रही थी. फिलहाल मंदिर की सुरक्षा बीएमपी के जवानों के हवाले है.