गया: पाक रमजान का महीना शुरू हाे गया है. गरमी के माैसम में एक-एक दिन उपवास कर गुजारना कठिन है. पर, अकीदतमंद कहते हैं कि अल्लाह-त-आला काे याद कर उनका वक्त कैसे गुजर जाता है पता ही नहीं चलता. राेजदार इन दिनाें पांचाें वक्त का नमाज अदा करते हैं. अल्लाह का इबादत करते हैं. गया की गरमी यूं चर्चित है पर अल्लाह की कृपा ऐसी कि जिस दिन से राेजा शुरू हुई है, उसी दिन से माैसम में नरमी आ गयी है. तापमान गिर रहा है. बदल छाने के साथ बूंदाबांदी भी जब-कभी हाे जा रही है.
रमजान के तीसरे दिन मंगलवार काे भी माैसम नरम आैर सुहाना रहा. इससे राेजदाराें काे ज्यादा परेशानी नहीं हुई. दिन भर राेजदार के ज्यादा नहीं निकलने से मंडी में भीड़-भाड़ थाेड़ी कम रह रही है, पर शाम में इफ्तार के बाद राेजदार मार्केट में सामान की खरीद व अन्य लाेगाें से मिलने-जुलने निकल रहे हैं. मुसलिम मुहल्लाें में शाम में चहल-पहल दिखती है.
इफ्तार में खजूर, फुला हुआ व तला हुआ चना, विभिन्न तरह के पकाैड़ी, ड्राइ फ्रुट्स व फल आदि से लाेग इफ्तार करते हैं. इफ्तार के समय राेजदार अपने दाेस्त, सगे-संबंधियाें काे भी आमंत्रित कर साथ में राेजा ताेड़ते हैं आैर इफ्तार करते हैं. इसकी वजह से बाजार में खजूर, फल, ड्राइ फ्रुट्स आदि की बिक्री बढ़ गयी है. इफ्तार के बाद राेजदार नमाज अदा करते हैं. इस समय शहर में खूब चहल-पहल देखी जा रही है. इससे भी खास यह कि हर राेजदार अपने सगे-संबंधी, दाेस्ताें का हाल-चाल माेबाइल के माध्यम से ले रहे हैं. देश के काेने-काेने व विदेशाें में रह रहे परिजनाें से बात कर वहां का माैसम का हाल-चाल से लेकर अन्य जानकारियां प्राप्त कर रहे हैं. अपने संबंधियों व दाेस्ताें काे ईद के माैके पर आने का भी न्याेता दे रहे हैं.
