सीबीएसइ 12वीं की परीक्षा में साइंस में बिहार में टॉप आयी क्रेन मेमोरियल स्कूल की छात्रा ने बतायी अपनी तमन्ना
रोशन कुमार
गया : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) की 12वीं की परीक्षा (साइंस) में बिहार में टॉप करनेवाली शिवा की ख्वाहिश यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की सिविल सेवा परीक्षा क्वालिफाइ कर बिहार की सेवा करने की है. इसके लिए वह बिहार कैडर का चुनाव करेंगी. 97 प्रतिशत अंक प्राप्त करनेवाली गया शहर स्थित क्रेन मेमोरियल स्कूल की छात्रा शिवा ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि वह रोज लगातार छह से सात घंटे तक पढ़ती थीं. स्कूल का होमवर्क प्राथमिकता में होता था. परीक्षा में बेहतर करने का विश्वास था, लेकिन टॉप करूंगी, ऐसी उम्मीद नहीं रखी थी. शिवा कहती हैं कि इस सफलता ने उनका हौसला और बढ़ाया है. उनका उद्देश्य यूपीएससी क्वालिफाइ करना है.
बचपन से ही पढ़ाई में रुचि रखनेवाली शिवा ने बताया कि गया जिले के नक्सलग्रस्त टिकारी अनुमंडल के मऊ गांव में उनका पैतृक घर है. गया शहर की मगध कॉलोनी में रहने के बावजूद गांव-घर से उनका लगाव बना रहता है. अपने गांव के सर्वांगीण विकास को लेकर उनके दिमाग में कुछ योजनाएं हैं, जो यूपीएससी क्वालिफाइ करने के बाद पूरी हाेंगी. हमारा ध्यान शहर के बजाय गांवों पर होगा.
स्कूल से कभी नहीं आयी शिकायत : गया शहर में स्थित मगध प्रमंडल के संयुक्त निबंधक सहयोग समितियां कार्यालय में सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के पद पर पोस्टेड शिवा के पिता अरविंद कुमार बताते हैं कि वह सूबे में टॉप कर जायेगी, ऐसा अनुमान नहीं था.
लेकिन, वह अच्छा करेगी, ऐसा विश्वास था. शिवा को बचपन से ही परिवारवाले निक्की कह कर बुलाते थे. शिवा जब छोटी थी, तो नर्सरी में उसका नामांकन गया शहर स्थित हिल व्यू किड्स स्कूल में कराया था. इसके बाद उसका नामांकन क्रेन स्कूल में कक्षा वन में कराया गया. तब से लेकर अब तक शिवा क्रेन स्कूल की ही स्टूडेंट्स रही. पढ़ाई-लिखाई के दौरान अनुभव किया कि हाेमवर्क बनाने को लेकर शिवा की कोई शिकायत स्कूल से नहीं आयी.
मां बोलीं गौरव का पल : शिवा की मां नीलम शर्मा ने बताया कि एक मां के लिए इससे बड़ा गौरव की बात क्या होगी, जब एक बेटी पूरे बिहार में टॉप की हो. खुद तो मैट्रिक तक की पढ़ाई कर सकी. लेकिन, अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर सदैव गंभीर रही. पति सरकारी नौकरी में थे.
उनके पति की पोस्टिंग कभी गया में रहती थी, तो कभी औरंगाबाद, तो कभी किसी और जिले में. ऐसी स्थिति में पति की अनुपस्थिति में घर की पूरी जिम्मेवारी उनके कंधों पर ही रहती है. शिवा सूबे में टॉप की है, इसका श्रेय उनके परिवार के साथ-साथ क्रेन स्कूल व शिक्षकों को जाता है.
