गया : वार्ड 46 के केंदुआ गांव के रहनेवाले अनिल यादव के बीते शनिवार की रात हुए अपहरण मामले में पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. संबंधित मामले में दर्ज कराये गये मुकदमे में नामजद आरोपितों के विरुद्ध भी कोई साक्ष्य नहीं मिला है. पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है. अनिल यादव को ढूंढ निकालने के लिए विशेष टीम को जिम्मा सौंपा गया है. इधर आरोपित संतोष सिंह का कहना है कि पुलिस उसकी हर एक गतिविधि की गहनता से जांच करे और न्याय दे.
गौरतलब है कि वार्ड 46 से पूर्व वार्ड पार्षद संतोष सिंह की पत्नी प्रीति सिंह चुनाव लड़ रही थीं. वहीं अनिल यादव के छोटे भाई की पत्नी रिंकी कुमारी व महेश यादव की पत्नी उषा भारती भी चुनाव लड़ रही थीं. मतदान से एक दिन पूर्व शनिवार की रात महेश यादव व अनिल यादव के बीच चुनावी बैठक हुई. बैठक के बाद अनिल यादव अपने घर को लौट रहे थे लेकिन वह अब तक घर नहीं पहुंचे हैं. लापताअनिल के परिजनों का आरोप है कि महेश यादव व संतोष सिंह ने अपहरण कर लिया है.
इस बात से नाराज लोगों ने प्राथमिक विद्यालय, केंदुआ, में मतदान का बहिष्कार भी किया था, लेकिन जिलाधिकारी व एसएसपी की पहल पर कुछ देर बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गयी थी. सोमवार को केंदुआ गांव के लोगों ने एसएसपी से मिल कर अनिल यादव की सलामती व वापसी की मांग की थी. वहीं दूसरी ओर पुलिस ने आरोपित महेश यादव को सीसीए के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. महेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में गोपी बिगहा के लोगों ने सोमवार को खटकाचक में जाम लगा दिया था. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया था.
पुलिस ने आश्वासन दिया था कि मामले की जांच की जा रही है आरोपितों के विरुद्ध साक्ष्य व तथ्य मिलने पर ही कार्रवाई की जायेगी. इधर विष्णुपद थाने के इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले में गहनता से जांच की जा रही है. फिलहाल कुछ भी नहीं कहा जा सकता.
