सुप्रीम कोर्ट में सीबीआइ की याचिका की 28 को सुनवाई
नयी दिल्ली : चारा घोटाले में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के लिए सीबीआइ की उस याचिका को मंजूर कर लिया है, जिसमें सीबीआइ ने झारखंड हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
झारखंड हाइकोर्ट ने नवंबर 2014 में 15 मई, 2005 को 85 लाख रुपये के घोटाले में सीबीआई द्वारा दर्ज आइएफआर को रद्द कर दिया था. इसमें सीबीआइ ने जगन्नाथ मिश्रा को सह आरोपित बनाया था. मामले की सुनवाई 28 फरवरी को को होगी. इस दौरान लालू प्रसाद की कुछ धाराएं हटाने की मांग पर भी सुनवाई होगी.
लालू प्रसाद की आेर से पेश वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा कि सभी मामलों में आरोप एक जैसे हैं, इसलिए अलग-अलग केसों की सुनवाई एक साथ होनी चाहिए. वहीं, सीबीआइ की आेर से सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद पर छह अलग-अलग मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक में वे दोषी करार दिये गये हैं और अन्य मामले हाइकोर्ट में लंबित हैं. रंजीत कुमार ने यह भी कहा कि सभी मामलों में समय, रिश्वत की रकम और लेन-देन अलग-अलग हैं, इसलिए सभी मामलों को एक जैसा नहीं देखा जा सकता.
चारा घोटाले में लालू प्रसाद और अन्य पर से कुछ धाराएं हटाये जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. झारखंड हाइकोर्ट ने नवंबर, 2014 में लालू को राहत देते हुए अपने फैसले में कहा था कि एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती है. इस फैसले के बाद सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की.
