फोटो प्रदर्शनी के सहारे चीन की क्रूरता दिखाने में जुटे तिब्बती संगठन

बोधगया: बोधगया में आयोजित कालचक्र पूजा के दौरान फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से तिब्बत के नागरिकों पर चीन के सिपाहियों द्वारा किये जा रहे अत्याचार व अमानवीय कृत्यों को दिखाया जा रहा है. गु चु सुम मुवमेंट एसोसिएशन ऑफ तिब्बत द्वारा यहां एक फोटो प्रदर्शनी लगायी गयी है. इसमें वैसी तस्वीरों को शामिल किया गया […]

बोधगया: बोधगया में आयोजित कालचक्र पूजा के दौरान फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से तिब्बत के नागरिकों पर चीन के सिपाहियों द्वारा किये जा रहे अत्याचार व अमानवीय कृत्यों को दिखाया जा रहा है. गु चु सुम मुवमेंट एसोसिएशन ऑफ तिब्बत द्वारा यहां एक फोटो प्रदर्शनी लगायी गयी है. इसमें वैसी तस्वीरों को शामिल किया गया है, जिसमें चीन के सिपाहियों द्वारा तिब्बत की आजादी की आवाज उठानेवालों को अमानवीय तरीके से हत्या कर दी जा रही है.

उनके गुप्तांगों को काट दिया जा रहा है व तरह-तरह के प्रताड़ना दिये जा रहे हैं. मार्मिक, भयावह व दर्दनाक तस्वीरों को देख हर कोई सिहर जा रहा है व चीन द्वारा तिब्बत के नागरिकों पर किये जा रहे अत्याचार के प्रति आक्रोशित भी हो रहे हैं. फोटो प्रदर्शनी काे नेतृत्व दे रही एसोसिएशन की अध्यक्ष नामग्याल डोलकर ने बताया कि तिब्बत की स्वायतता की मांग करनेवाले लोगों व उनके परिवारों को चीन द्वारा की जा रही हत्या व प्रताड़ना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के साथ ही भारत के लोगों को भी जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कालचक्र पूजा में शामिल होने आये तिब्बत के व तिब्बत से निर्वासित जिंदगी बसर करनेवालों को भी तिब्बत की हकीकत से रू-ब-रू कराया जा रहा है.

संभवत: लोगों में तिब्बती नगरिकों के प्रति संवेदना जाग्रत हो पायेगा व एक न एक दिन भारत सहित दुनिया के देश भी तिब्बत की आजादी को लेकर पहल कर सकेंगे, तिब्बती लोगों पर हो रहे अत्याचार को खत्म कराने में सहयोग कर सकेंगे. डोलकर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 27 सितंबर, 1991 को एसोसिएशन की स्थापना की गयी थी व 19 मई, 1993 को इस संगठन को सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा मान्यता प्रदान की गयी. यह तिब्बत के बाहर से चलाये जा रहे आठ गैर सरकारी संगठनों में से एक है.

उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों में विभिन्न आयोजन के मौके पर गु चु सुम मुवमेंट एसोसिएशन द्वारा फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से तिब्बत की हकीकत से लोगों को अवगत कराने का प्रयास किया जा रहा है. इस उम्मीद के साथ कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज के दौर में भी गुलाम तिब्बत को आजादी दिलाने में सहयोग मिल पायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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