अगले पांच दिन तक आसमान में छिटपुट छाये रहेंगे बादल, बारिश की उम्मीद कम

गया: मॉनसून की पहली बारिश विगत मंगलवार की शाम आयी, ताे लाेग झूम उठे. मॉनसून ने दस्तक ताे अच्छी दी, पर बुधवार की दाेपहर तक की बारिश के बाद से फिर रविवार तक लाेग सिर्फ आसमान काे निहार ही रहे हैं. बादलाें के उमड़ने-घुमड़ने के साथ गर्जना ताे सुनाई देती रही, पर जब बरसने की […]

गया: मॉनसून की पहली बारिश विगत मंगलवार की शाम आयी, ताे लाेग झूम उठे. मॉनसून ने दस्तक ताे अच्छी दी, पर बुधवार की दाेपहर तक की बारिश के बाद से फिर रविवार तक लाेग सिर्फ आसमान काे निहार ही रहे हैं. बादलाें के उमड़ने-घुमड़ने के साथ गर्जना ताे सुनाई देती रही, पर जब बरसने की बारी आ रही, ताे रंग बदल कर चुपचाप खिसक जा रहे.
रविवार की शाम भी कुछ ऐसा ही हुआ. आसमान में भूरे बादल छाये. हल्की हवा भी तेज हुई. बूंदाबांदी भी हुई, पर बारिश नहीं हुई. शाम सात बजे के बाद आसमान बिल्कुल साफ.

माैसम विभाग की माने, ताे .6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गयी. शनिवार काे भी .6 मिलीमीटर ही बारिश हुई थी. शुक्रवार काे बारिश नहीं हुई. इससे पहले गुरुवार काे 1.6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गयी थी. माैसम विज्ञान केंद्र, पटना के निदेशक आशीष कुमार सेन ने बताया कि दक्षिण बिहार खासकर गया में अगले पांच दिनाें तक आसमान में छिटपुट बादल छाये रहने की उम्मीद है, पर बारिश हाेने की संभावना नहीं.

अगर स्थानीय प्रभाव से बारिश हुई ताे सिर्फ बूंदाबांदी. माैसम विभाग का मानना है कि मॉनसून इस बार अच्छा रहेगा पर गया में दगा न दे जाये, इसका खासा भय किसानाें काे अभी से सताने लगा है. किसानाें का कहना है कि फिलहाल झमाझम बारिश की जरूरत नहीं है, लेकिन फुहारों के आते रहने से खेताें में डाले गये बीजों के अंकुरित हाेने के बाद पाैधाें काे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी. 10 दिनाें के बाद बारिश की अत्यंत जरूरत हाेगी, ताकि रोपनी करायी जा सके. इधर मॉनसून की बारिश के बाद चिलचिलाते धूप व ऊमस भरी गरमी से लाेग बेहाल हैं. ऐसे में बिजली भी दगा दे रही है. 24 घंटे में शहर में उपभाेक्ताआें काे बिजली बमुश्किल 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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