गया: जयप्रकाश नारायण अस्पताल में मेडिकल प्रमाणपत्र देने के नाम पर एक छात्र से 200 रुपये घूस मांगने का मामला सामने आया है. टिकारी अनुमंडल के रिकाबगंज के रहनेवाले अरुण प्रसाद के पुत्र राकेश कुमार वर्मा ने इसकी लिखित शिकायत अस्पताल उपाधीक्षक के माध्यम से सिविल सर्जन से की है.
उसने कहा है कि अपने शैक्षणिक कार्य के लिए उसे मेडिकल प्रमाणपत्र की जरूरत हुई. उसने अस्पताल में पहुंच कर सभी जांच प्रक्रियाओं को पूरा किया. 17 जून को जांच प्रक्रिया के बाद से वह हर रोज अस्पताल का चक्कर लगा रहा है. लेकिन, अब तक उसे प्रमाणपत्र नहीं मिला. सोमवार को जब वह फिर से अस्पताल पहुंचा, तो वहां विनोद कुमार नाम के किसी कर्मचारी ने उससे मेडिकल प्रमाणपत्र देने के लिए 200 रुपये घूस मांगे. छात्र ने जब इनकार किया, तो कर्मचारी ने भी मेडिकल प्रमाण देने से मना कर दिया. छात्र ने कहा कि उसे इसकी सख्त जरूरत है. इसके बाद उसने अधिकारियों के पास अपनी शिकायत दर्ज करायी.
खूब चलता है पैसों का खेल !
उल्लेखनीय है कि राकेश के साथ यह कोई पहली घटना नहीं है. अस्पताल के ही सूत्रों की मानें, तो मेडिकल प्रमाणपत्र और इंज्यूरी रिपोर्ट देने के नाम पर जयप्रकाश नारायण अस्पताल में अवैध वसूली का धंधा जम कर चलता है. अस्पताल के ही कुछ कर्मचारी इस पूरे धंधे के ठेकेदार हैं. नीचे से लेकर ऊपर के अधिकारियों को पैसे देने की दलील के साथ ये लोगों से पैसे उगाहते हैं. सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों को भी इस बात की पूरी जानकारी होती है, लेकिन सब कुछ ‘मैनेज’ हो कर चलता है. हर रोज मेडिकल प्रमाणपत्र व इंज्यूरी रिपोर्ट के नाम पर यहां लोग ठगे जा रहे हैं.
घूस मांगनेवाले कर्मचारी की हो रही पहचान
छात्र के मुताबिक जिस कर्मचारी ने उससे घूस के तौर पर पैसे मांगे हैं, उसकी पहचान की जा रही है. जांच के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.
डाॅ पीके अग्रवाल, अस्पताल उपाधीक्षक
