मॉनसून की दस्तक: हर बार बदली डेडलाइन, साफ सफाई फिर भी आधी-अधूरी

गया: बरसात के दिनों में जलजमाव से मुक्ति के लिए नगर निगम द्वारा शहर के छोटे-बड़े नालों की सफाई करायी जा रही है. काम इतना देर से शुरू किया गया है कि मॉनसून आने के बाद भी सफाई पूरी नहीं हो सकी है. फिलहाल, नगर निगम द्वारा सफाई का काम जारी है. वार्ड नंबर-15 में […]

गया: बरसात के दिनों में जलजमाव से मुक्ति के लिए नगर निगम द्वारा शहर के छोटे-बड़े नालों की सफाई करायी जा रही है. काम इतना देर से शुरू किया गया है कि मॉनसून आने के बाद भी सफाई पूरी नहीं हो सकी है. फिलहाल, नगर निगम द्वारा सफाई का काम जारी है. वार्ड नंबर-15 में छह नालों की सफाई कराने का दावा नगर निगम व वार्ड पार्षद द्वारा किया जा रहा है. तत्काल नाले की स्थिति देख कर कोई नहीं कह सकता कि नाले की सफाई हुई है.
जगह-जगह नालों में कचरा पड़ा है. टिकारी रोड इलाके के पानी की निकासी इन्हीं नालों से होकर है. वार्ड पार्षद द्वारा दावा किया जा रहा है कि नालों की सफाई की विडियोग्राफी भी करायी गयी है, जो नगर निगम द्वारा पहले ही तय की गयी थी. हालांकि, कई जगहों पर नालों की सफाई में न तो विडियोग्राफी की गयी है और न ही संबंधित पार्षद को सूचना दी गयी है. लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बरसात नजदीक देख कर ही नालों की साफ-सफाई शुरू करायी जाती है.
बरसात में भी जारी है सफाई
नगर निगम द्वारा नालों की सफाई के लिए पांच जून डेडलाइन तय की गयी थी. बड़े नालों के लिए पांच जून के बाद एक सप्ताह का समय दिया गया था. पर, स्थिति यह है कि अब तक शहर के सभी नालों की सफाई पूरी नहीं हो सकी है. बरसात शुरू होने के बाद जहां नाले की सफाई हुई है, वहां की सिल्ट दोबारा नाले में ही गिर रही है. कुजापी नाला, इकबालनगर नाला, नादरागंज नाला व बॉटम नाले की सफाई नहीं होने के कारण थोड़ी बारिश में भी जगह-जगह जलजमाव होना तय है. बॉटम नाले की सफाई संभव ही नहीं है, क्योंकि बॉटम नाले पर ही लोगों ने मकान बना लिया है. कुजापी नाले व इकबालनगर नाले की सफाई पूरी नहीं हो सकी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >