बारिश होने पर शेड के नीचे छाता लगा ट्रेनों का इंतजार करते हैं यात्री
गया: बरसात में जंकशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों को दिक्कत हो सकती है. कई प्लेटफॉर्मों के शेड जर्जर व उनमें सुराख हो गये हैं, जिनसे पानी टपकता है. तेज बारिश होने पर यात्री पनाह खोजते नजर आते हैं. अगर, किसी के पास छाता होता है, तो शेड के सुराखों से टपकनेवाले पानी […]
गया: बरसात में जंकशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों को दिक्कत हो सकती है. कई प्लेटफॉर्मों के शेड जर्जर व उनमें सुराख हो गये हैं, जिनसे पानी टपकता है. तेज बारिश होने पर यात्री पनाह खोजते नजर आते हैं. अगर, किसी के पास छाता होता है, तो शेड के सुराखों से टपकनेवाले पानी से बचने के लिए छाता लगा लेता है़.
समय रहते उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया, तो ट्रेनों के इंतजार में खड़े यात्री भीग सकते हैं. इनमें सबसे ज्यादा दिक्कत उन यात्रियों को होती है, जिन्हें गया से पटना जाने के लिए प्लेटफॉर्म संख्या आठ व नौ पर जाना होता है. इन दोनाें ही प्लेटफॉर्मों पर कई जगह शेड ही नहीं हैं, इससे बारिश होने पर यात्रियों को भीगते हुए ट्रेनों में चढ़ना पड़ता है.
उल्लेखनीय है कि यह स्थिति तब है, जब डीआरएम अपने हर दौरे में शेड लगाने व उन्हें दुरुस्त करने का निर्देश देते रहे हैं. इधर, जंकशन से हर रोज यात्रा करनेवाले कुछ यात्रियों ने बताया कि बारिश होने पर प्लेटफॉर्मों पर दोनों तरफ से पानी आता है. ऊपर से शेड जर्जर होने की वजह से पानी भी टपकता है. बारिश होने पर काफी दिक्कत होती है.
प्लेटफॉर्म एक पर मिले कुछ यात्रियों ने बताया कि बारिश होने पर पूरा प्लेटफॉर्म एरिया भर जाता है, किसी दुकान में शरण लेने चले जायें, तो दुकानदार खड़ा होने से मना कर देते हैं. ऐसे में हम उनसे उलझ भी नहीं सकते. इस बाबत स्टेशन प्रबंधक बीएन प्रसाद भी मानते हैं कि प्लेटफॉर्म पर कई जगह शेड जर्जर हैं, पानी टपकने की भी शिकायत मिली है. इसी वजह से प्लेटफॉर्म आठ व नौ पर शेड दुरुस्त करने को कहा गया है. इसके अलावा जहां जर्जर शेड हैं, उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है.